बांग्लादेश में महंगाई की मार झेल रहे कपड़ा इंडस्ट्री के हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं. कम वेतन और बढ़ती महंगाई से परेशान कर्मचारियों का गुस्सा अब बड़े आंदोलन में बदल गया है. राजधानी ढाका समेत कई इंडस्ट्रियल एरिया में लगातार तीसरे दिन विरोध प्रदर्शन जारी है. हालात ऐसे हो गए हैं कि सैकड़ों कपड़ा फैक्ट्रियों में कामकाज प्रभावित हुआ है. कई जगह कर्मचारियों ने सड़कें जाम कर दीं, जिससे यातायात भी बाधित हुआ. पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा.इस विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने की मांग है. कपड़ा इंडस्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी चाहते हैं कि उनकी महीने की सैलरी कम से कम 12,500 टका (करीब 10 हजार रुपये) से बढ़ाकर 30 हजार टका (करीब 24 हजार रुपये) कर दी जाए. उनका कहना है कि मौजूदा वेतन में घर का किराया, खाना, बच्चों की पढ़ाई और इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है.
तीसरे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
दूसरी तरफ फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि कारोबार पहले से बढ़ती लागत और कम होते ऑर्डर की परेशानी से जूझ रहा है. ऐसे में वेतन में इतनी बड़ी बढ़ोतरी करना आसान नहीं है. सरकार ने विवाद सुलझाने के लिए वेतन बोर्ड बनाया है, लेकिन कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है. बांग्लादेश में शनिवार यानी 31 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ कर्मचारियों का प्रदर्शन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा.
500 से ज्यादा फैक्ट्रियों में काम प्रभावित
ढाका के मीरपुर, सावर, अशुलिया और गाजीपुर जैसे इंडस्ट्रियल एरिया में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया. बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (BGMEA) के मुताबिक, आंदोलन की वजह से 529 फैक्ट्रियों का काम प्रभावित हुआ और करीब 9.87 लाख कर्मचारी काम से बाहर रहे. कई इलाकों में कर्मचारियों ने सड़कें जाम कर दीं. इससे आम लोगों को भी परेशानी हुई. फैक्ट्री मालिकों ने सुरक्षा को देखते हुए कई जगह काम बंद रखा. हालांकि, 2 नवंबर को कुछ फैक्ट्रियों में काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ है.
12 हजार से 30 हजार टका वेतन करने की मांग
विरोध प्रदर्शन में कर्मचारियों की मांग है कि उनकी महीने की सैलरी बढ़ाकर कम से कम 30 हजार टका यानी करीब 24 हजार रुपये की जाए. फिलहाल उन्हें कम से कम 12,500 टका यानी करीब 10 हजार रुपये महीने मिलते हैं. कई कर्मचारियों के पास बच्चों की पढ़ाई और दूसरी जरूरी जरूरतों के लिए पैसे नहीं बचते. इसलिए वेतन में दोगुने से ज्यादा बढ़ोतरी की मांग की जा रही है. कर्मचारियों का कहना है कि कपड़ा उद्योग से देश को बड़ी कमाई होती है, लेकिन इसमें काम करने वाले लोगों को उसका उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है.
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव
विरोध प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस और कर्मचारियों के बीच टकराव की खबरें आई हैं. कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कीं और पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंकने की घटनाएं भी सामने आईं. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. बढ़ते विरोध को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने कर्मचारियों की सैलरी की समीक्षा के लिए 6 सदस्यों का वेतन बोर्ड बनाया है. इसमें कर्मचारी और फैक्ट्री मालिकों के प्रतिनिधियों के अलावा सरकारी और स्वतंत्र सदस्य शामिल हैं















