बांदा। यूपी के बांदा जिले से रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आपका कलेजा कांप जाएगा। यहां मेडिकल कॉलेज में एक बाप की गोद उजड़ गई और सिस्टम ने उस उजड़ी गोद के मृत बच्चे की लाश तक को कुत्तों के हवाले कर दिया। ये कहानी है गणेश की गणेश अपनी पत्नी गुड़िया को डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर आया था। रात साढ़े ग्यारह बजे नॉर्मल डिलीवरी हुई। बच्चा पैदा हुआ लेकिन डॉक्टरों ने कह दिया बच्चा खत्म हो गया है।गणेश ने बताया साढ़े बारह बजे उन्होंने बच्चा हमें हैंडओवर किया। मरीज को अंदर रख दिया, हमें बाहर निकाल दिया। हम थके थे, वहीं फर्श पर पड़े रहे, नींद लग गई और फिर जो हुआ उसने पूरे अस्पताल को हिला दिया। रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच आवारा कुत्ता वार्ड में घुस आया और फर्श पर पड़े मृत नवजात को मुंह में दबाकर घसीट ले गया। जब तक गणेश की नींद खुली, कुत्ता बच्चे को लेकर जा चुका था।
सामने खड़े होकर गणेश मीडिया से बोला हमारी भी नींद लग गई, गार्ड की भी लापरवाही है। आज तो हमारा मरा बच्चा है, कल किसी का जिंदा बच्चा कुत्ता ले जाएगा तो क्या होगा? मेडिकल में ऐसे होते रहेगा तो कैसे चलेगा? सोचिए – एक पिता जो अपने मरे हुए बच्चे के शव को लेकर न्याय की उम्मीद में अस्पताल के फर्श पर सोया है, उसी के सामने उसके बच्चे को कुत्ता नोंच कर ले जाए। इससे बड़ी लापरवाही, इससे बड़ा पाप क्या होगा? गणेश अब सिर्फ एक ही मांग कर रहा है हम चाहते हैं कि आगे से ऐसी घटना किसी के साथ न हो। सवाल सीधा है – जिला अस्पताल जो मेडिकल कॉलेज बन गया, वहां सुरक्षा गार्ड क्या कर रहे थे? कुत्ते वार्ड के अंदर कैसे पहुंच गए? मृत बच्चे का शव परिजनों को सौंपकर मोर्चरी में क्यों नहीं रखवाया गया? इस घटना ने बांदा के स्वास्थ्य सिस्टम की पोल खोल दी है। जिम्मेदार कौन है? गार्ड, स्टाफ या पूरा सिस्टम?














