मुजफ्फरनगर। जिला रेडक्रॉस भवन में बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया की अध्यक्षता में एचआईवी/एड्स विषय पर जनपद के चिकित्साधिकारियों के लिए एक दिवसीय संवेदीकरण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्साधिकारियों को एचआईवी/एड्स संक्रमण की रोकथाम, जांच, उपचार, परामर्श और मरीजों की देखभाल से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देकर कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत बनाना रहा।
डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देशन तथा जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजय प्रताप शाही के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको), उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें चिकित्साधिकारियों को राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की संरचना एवं उद्देश्यों, एचआईवी संक्रमण की स्थिति, बचाव के उपायों, जांच और परामर्श सेवाओं तथा एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला में यौन संचारित एवं प्रजनन तंत्र संक्रमणों (एसटीआई/आरटीआई) के प्रबंधन, ईवीटीएचएस तथा उच्च जोखिम वाले समूहों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के लिए समय पर जांच कराने, उचित परामर्श देने, मरीजों को उपचार सेवाओं से जोड़ने और उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने चिकित्साधिकारियों को राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में जनपद के अपर एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी, विभिन्न ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, नगरीय क्षेत्र के चिकित्साधिकारी तथा एआरटी नोडल अधिकारी सहित संबंधित चिकित्साधिकारियों ने प्रतिभाग किया। मास्टर ट्रेनर डॉ. मनीष शर्मा, राजेश रंजन, अवंतिका बाजपेयी, अमित चौहान और दिशा क्लस्टर मुजफ्फरनगर की सीएचओ ममता ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को एचआईवी/एड्स से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कार्यशाला के माध्यम से जिले में संक्रमण की रोकथाम, जांच, उपचार एवं परामर्श सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।















