मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद की अध्यक्षता में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में जनशिकायतों के निस्तारण और जनहित से जुड़े विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अपर मुख्य सचिव ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क करें और आवश्यकतानुसार मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अधिकारी जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करें।
बैठक में गड्ढामुक्ति अभियान के तहत सड़कों की स्थिति सुधारने और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर आमजन को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन के अंतर्गत घर-घर पानी पहुंचाने की योजना में तेजी लाने और शासन स्तर पर चल रही भर्तियों से संबंधित पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
अपर मुख्य सचिव ने नामांतरण और विरासत से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने पर भी जोर दिया, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। इसके अलावा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के जीर्णोद्धार से संबंधित विषय पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन देश दीपक सिंह, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव कुंवर बहादुर सिंह, जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।















