यूपीएससी एस्पिरेंट्स के बीच लबासना (LBSNAA) शब्द अक्सर चर्चा में रहता है. वैसे यूपीएससी परीक्षा के बारे में थोड़ी बहुत भी जिसको जानकारी होगी, वो जानता होगा कि लबासना क्या है, लेकिन आम आदमी के लिए ये शब्द महज एक शब्द ही है, जिसका मतलब भी वो नहीं जानता होगा. दरअसल, लबासना का फुल फॉर्म है ‘लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन’, जो उत्तराखंड के मसूरी में स्थित है और यह भारत में सिविल सेवा अधिकारियों की ट्रेनिंग का सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है. यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद चयनित आईएएस अधिकारी यहीं से अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत करते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि यहां सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं होती बल्कि पढ़ाई भी होती है और पढ़ाई पूरी होने के बाद आईएएस अधिकारियों को डिग्री भी मिलती है. आइए जानते हैं इस डिग्री के बारे में.
ट्रेनिंग में और क्या-क्या सिखाया जाता है?
दरअसल, यूपीएससी परीक्षा पास करने वाले कैंडिडेट्स के पास सब्जेक्ट नॉलेज तो होता है, लेकिन प्रशासनिक कामों का व्यावहारिक अनुभव नहीं होता. इसीलिए उन्हें लबासना में सरकारी योजनाओं के इंप्लिमेंटेशन, कानून-व्यवस्था, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, नेतृत्व क्षमता और नीति निर्माण से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है. ट्रेनिंग के दौरान ट्रेनी अधिकारियों को अलग-अलग गांवों का दौरा कराया जाता है, भारत दर्शन कराया जाता है और विभिन्न मंत्रालयों में व्यावहारिक अनुभव भी कराया जाता है, ताकि वो जमीनी स्तर की समस्याओं को समझ सकें और प्रशासनिक स्तर पर उसका समाधान कर सकें.
LBSNAA में और किसकी होती है ट्रेनिंग?
हालांकि ये एकेडमी सिर्फ आईएएस अधिकारियों को ही ट्रेनिंग नहीं देती है बल्कि यहां कई अन्य ऑल इंडिया सर्विसेज और केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों को भी ट्रेनिंग दी जाती है. इनमें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) से लेकर भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय राजस्व सेवा (IRS), भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा (IA&AS), भारतीय डाक सेवा (IPoS) और भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) जैसी सेवाएं शामिल हैं. हालांकि फाउंडेशन कोर्स के बाद आईपीएस अधिकारी हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी चले जाते हैं, जबकि आईएफएस अधिकारी विदेश सेवा संस्थान चले जाते हैं.















