बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव जौला में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। कांधला रोड स्थित मदरसे के पास दलदल में तब्दील हो चुके गहरे जोहड़ में डूबने से 9 वर्षीय मासूम आतिफ की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद जहां परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए स्थानीय डेयरी संचालकों और ग्राम प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव जौला निवासी इकबाल का पुत्र आतिफ सोमवार दोपहर अपनी बहन के साथ मदरसे से पढ़ाई कर वापस घर लौट रहा था। घर जाने के लिए उसे जोहड़ के किनारे बनी कच्ची पगडंडी से होकर गुजरना पड़ता था। इसी दौरान अचानक पगडंडी का एक हिस्सा टूट गया, जिससे आतिफ का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गहरे, दलदलयुक्त गंदे पानी में जा गिरा। साथ चल रही उसकी बहन ने चीख-पुकार मचाई, जिसे सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मासूम दलदल में समा चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। तत्काल जेसीबी मशीन बुलाकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। सूचना पर एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और खोजबीन में जुट गई। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जेसीबी और एनडीआरएफ की मदद से बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि जोहड़ के आसपास संचालित दूध डेयरियों के मालिक बड़ी मात्रा में गोबर और गंदगी सीधे जोहड़ में बहा रहे हैं, जिससे पानी सड़कर दलदल में बदल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार डेयरी संचालकों को चेतावनी दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके अलावा ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि गांव वालों ने कई बार जोहड़ के चारों ओर बाउंड्रीवाल बनाने की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बाउंड्री बनवा दी जाती, तो यह हादसा टल सकता था और एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी।घटना की सूचना पर बुढ़ाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और परिजनों को सांत्वना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने इससे इनकार कर दिया। बाद में बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फिलहाल पूरे गांव में शोक का माहौल है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी डेयरी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जोहड़ के चारों ओर तत्काल बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। पुलिस ने भी आश्वासन दिया है कि तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।















