सहारनपुर के आयशा मॉडल स्कूल में वार्षिक परीक्षा परिणाम समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और विद्यालय स्टाफ की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल प्रबंधक मुजाहिद नदीम द्वारा सूरह फातिहा पढ़कर किया गया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में तारीख फारूकी और हाफिज मुदस्सिर उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और छात्रों को अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो व्यक्ति को समाज में एक बेहतर स्थान दिलाती है और उसे आत्मनिर्भर बनाती है। कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य छात्रों में भी प्रेरणा का संचार हुआ।विद्यालय की प्रधानाचार्य आयशा जमाल ने समारोह को संबोधित करते हुए सभी सफल छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कक्षा नर्सरी से आठवीं तक प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों में अल्फ़िज़ा, आफरीन, फातिमा, सना, शीबा, अब्दुल्ला, रेहान, राजा, रमशा और बुशरा शामिल रहे। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों में चांद, जोया, अलीशा, सकीना, कश्यप, आलिया, नईमा, इशाल, औरंगजेब और अर्श का नाम प्रमुख रहा। वहीं तृतीय स्थान हासिल करने वाले छात्रों में वली, उमर, अफसा, उलमा, अल्तमश, शमा, जुबिया, लैब, हिफजा और तमन्ना शामिल रहे।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य और गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे, जिनमें रूबी, दानिश, कुलसुम, शबाना, शीबा, रुहीना, शबनम, फिजा, अलीशा और आफरीन आदि प्रमुख रहे। सभी ने विद्यार्थियों की सफलता पर खुशी व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।समारोह का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां छात्रों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। इस प्रकार यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि शिक्षा के महत्व को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहा।















