मुजफ्फरनगर। जनपद के डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े एक लाख से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। बैंक की बोर्ड बैठक में किसानों के हित में एक बड़ा और राहत भरा निर्णय लिया गया, जिसके तहत अब किसानों को अपने केसीसी ऋण पर 7 प्रतिशत की जगह मात्र 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। लंबे समय से किसान बढ़ी हुई ब्याज दरों के कारण आर्थिक दबाव महसूस कर रहे थे, ऐसे में यह फैसला उनके लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे बैंक के सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह के प्रयासों को प्रमुख कारण माना जा रहा है, जिन्होंने पिछले काफी समय से लखनऊ स्तर पर मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के साथ लगातार वार्ता कर इस मुद्दे को उठाया।
बैठक में केवल ब्याज दर घटाने का ही निर्णय नहीं लिया गया, बल्कि किसानों को अतिरिक्त राहत देते हुए एक और बड़ा ऐलान किया गया। पिछले दो वर्षों के दौरान जिन किसानों से 7 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूला गया था, उन्हें अब 4 प्रतिशत अतिरिक्त राशि सब्सिडी के रूप में वापस दी जाएगी। यानी किसानों को पुराने भुगतान का भी लाभ मिलेगा और यह राशि सीधे उनके खातों में लौटाई जाएगी। इस फैसले से जिले के एक लाख से अधिक किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
बैठक के दौरान बैंक के निदेशकों और किसान प्रतिनिधियों ने इस निर्णय का जोरदार स्वागत किया। डायरेक्टर और किसान नेता राजू अहलावत ने कहा कि यह किसानों के लिए बड़ी जीत है और इसके लिए सभापति ने लखनऊ स्तर पर मजबूती से पैरवी की, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वहीं बैंक के उपाध्यक्ष मुकेश जैन ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि ब्याज दर में कमी से किसानों की लागत घटेगी, जिससे खेती-किसानी को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में सुधार होगा।
कोर्ट रोड स्थित बैंक सभागार में आयोजित इस बोर्ड बैठक में बैंक के सभी डायरेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एकमत होकर इस नई ब्याज दर प्रणाली को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए। इस फैसले से न केवल किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि सहकारी बैंकिंग व्यवस्था पर उनका भरोसा भी मजबूत होगा। कुल मिलाकर यह निर्णय जनपद के किसानों के लिए एक नई उम्मीद और आर्थिक संबल लेकर आया है।















