हायर एजुकेशन के लिए ब्रिटेन जाने का सपना देख रहे हजारों छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। ब्रिटेन सरकार ने चार देशों के लिए स्टूडेंट वीजा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार द्वारा जारी इस फैसले को तुरंत लागू कर दिया गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस फैसले में भारत शामिल नहीं है, लेकिन भारतीय छात्रों के लिए भी हाल ही में वीजा नियमों में बदलाव किए गए थे।
ब्रिटेन सरकार के मुताबिक जिन चार देशों के लिए स्टूडेंट वीजा पर रोक लगाई गई है, उनमें अफगानिस्तान, कैमरून, म्यांमार और सूडान शामिल हैं। इन देशों के नागरिकों को फिलहाल स्टूडेंट वीजा नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए स्किल वर्कर वीजा भी बंद कर दिया गया है। ब्रिटेन के इमिग्रेशन विभाग ने इस कदम को “इमरजेंसी ब्रेक” बताते हुए कहा है कि यह फैसला वीजा प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने के लिए लिया गया है।इमिग्रेशन विभाग के अनुसार इन देशों से आने वाले कई लोग स्टूडेंट वीजा के जरिए ब्रिटेन पहुंचने के बाद वहां स्थायी शरण के लिए आवेदन कर देते थे। ऐसी स्थिति में ब्रिटेन सरकार को कई मामलों में मानवीय आधार पर उन्हें शरण देनी पड़ती थी। इससे न केवल वीजा प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा था, बल्कि देश में अवैध तरीके से बसने की घटनाएं भी बढ़ रही थीं। इसी कारण सरकार ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में ब्रिटेन में स्थायी रूप से बसने के लिए करीब एक लाख लोगों ने आवेदन किया था। इनमें लगभग 39 प्रतिशत लोग ऐसे थे जो पहले स्टूडेंट, वर्क या अन्य अस्थायी वीजा लेकर ब्रिटेन पहुंचे थे। बाद में उन्होंने स्थायी निवास या शरण की मांग कर दी। सरकार का कहना है कि इस तरह की स्थिति से देश में आबादी का दबाव बढ़ रहा है और इमिग्रेशन सिस्टम पर भी असर पड़ रहा है।हालांकि भारत के छात्रों के लिए स्टूडेंट वीजा बंद नहीं किया गया है, लेकिन भारतीयों के लिए भी नियम पहले से सख्त किए जा चुके हैं। 8 जनवरी 2026 से लागू नए नियमों के तहत इंग्लिश भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिटेन आने वाले छात्र पढ़ाई और वहां के वातावरण के अनुकूल रह सकें।
गौरतलब है कि केवल ब्रिटेन ही नहीं, बल्कि अन्य कई देशों ने भी हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए नियम कड़े किए हैं। कनाडा ने स्टूडेंट परमिट की संख्या पर कैप लगा दी है, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने भी वीजा नियमों को सख्त किया है। अब इस सूची में ब्रिटेन भी शामिल हो गया है। ऐसे में विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे छात्रों के लिए आने वाले समय में वीजा नियम और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।















