अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ हुई एक ट्रेड डील को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि इस समझौते के बाद अमेरिकी कोयले के निर्यात में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। ट्रंप के अनुसार, इस डील ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत किया और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा दी।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े बाजार के साथ व्यापारिक समझौता अमेरिकी उद्योगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है, खासकर कोयला और ऊर्जा निर्यात करने वाली कंपनियों को इससे सीधा लाभ मिला। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनकी नीतियों के कारण अमेरिकी ऊर्जा सेक्टर वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बना और भारत के साथ बढ़ते व्यापार ने हजारों अमेरिकी नौकरियों को भी समर्थन दिया।
हालांकि, इस बयान पर विशेषज्ञों का कहना है कि भारत तेजी से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में कोयले पर दीर्घकालिक निर्भरता सीमित ही रहने की संभावना है।















