बॉलीवुड की सबसे वर्सटाइल अभिनेत्रियों में शुमार भूमि पेडनेकर इन दिनों अपनी नई वेब सीरीज ‘दलदल’ को लेकर सुर्खियों में हैं। अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हो रही इस सीरीज में भूमि एक बिल्कुल नए और चौंकाने वाले अवतार में नजर आएंगी। खास बातचीत में उन्होंने अपने किरदार रीटा फरेरा, इंडस्ट्री में बीते 10 सालों के संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की।
भूमि कहती हैं कि एक महिला के तौर पर समाज में लगातार दबाव महसूस होता है। “रोज़ कई बार ऐसे पल आते हैं जब गुस्सा आता है, लेकिन उस गुस्से को दबाने के बजाय उसे विजुअलाइज़ कर आगे बढ़ जाना बेहतर है। यह एक ह्यूमन ट्रेट है,” उन्होंने कहा। सेलिब्रिटी लाइफ की पाबंदियों पर बात करते हुए भूमि ने साफ किया कि उन्हें किसी चीज़ का अफसोस नहीं है। “मैं अपनी ज़िंदगी को लेकर बहुत ग्रेटफुल हूं। यह मेरा सपना था और भगवान की बहुत बड़ी देन है कि मुझे यह मुकाम मिला।”
रीटा फरेरा: हीरो भी, एंटी-हीरो भी
‘दलदल’ में भूमि का किरदार उनकी पिछली भूमिकाओं से बिल्कुल अलग है। “अब तक मेरे ज़्यादातर किरदार नैतिक रूप से सही रहे हैं। रीटा फरेरा पहली ऐसी भूमिका है जो हीरो होते हुए भी एंटी-हीरो के गुण रखती है। वर्दी में वह ईमानदार है, लेकिन वर्दी उतरते ही एक टूटी-फूटी, फ्लॉड इंसान,” भूमि बताती हैं। उनका मानना है कि रीटा कोई लाइकेबल कैरेक्टर नहीं है—यह ऐसा किरदार है जिससे लोग घबराएंगे, और यही इसकी ताकत है।
इंडस्ट्री की ‘दलदल’ और 10 साल का सफर
फिल्म इंडस्ट्री में अपने एक दशक पूरे होने पर भूमि कहती हैं कि यहां अप्स-एंड-डाउन सामान्य हैं। “सबसे ज़रूरी है रेज़िलिएंट होना। मुझे अपने काम से बेपनाह प्यार है। जो भी चुनौती आएगी, मैं उससे निकलूंगी। मैं पूरी ज़िंदगी एक्टिंग करना चाहती हूं।”
युवाओं के लिए संदेश
बिना फिल्मी बैकग्राउंड के आगे बढ़ रहीं भूमि युवाओं को हौसला देती हैं। “उम्मीद मत छोड़ो कहना आसान है, लेकिन हालात मुश्किल होते हैं। फिर भी डटे रहो, तैयार रहो और अपने क्राफ्ट के टच में रहो। मैनिफेस्टेशन से बड़ी कोई ताकत नहीं—सपने देखना कभी मत छोड़ो।”‘दलदल’ के जरिए भूमि पेडनेकर एक बार फिर साबित करती हैं कि वह जोखिम लेने से नहीं डरतीं—और यही उन्हें वाकई वर्सटाइल बनाता है।















