तालिबान ने गैर इस्लामिक किताबों पर लगाया बैन,

तालिबान शासन ने अफगानिस्तान में सत्ता संभालने के बाद से साहित्य पर कड़ा नियंत्रण शुरू किया है। 2021 से अक्टूबर 2023 तक, उन्होंने 400 से अधिक किताबों को जब्त किया, जिनका आरोप था कि ये इस्लामी और अफगान मूल्यों के खिलाफ थीं। यह कदम अफगानिस्तान में विचारों की स्वतंत्रता और शैक्षिक सामग्री की पहुंच को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे स्थानीय प्रकाशक और पुस्तक विक्रेता अनिश्चितता के माहौल में काम कर रहे हैं। इन प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप, कई अंतर्राष्ट्रीय और स्थानीय साहित्यिक योगदानों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

तालिबान अधिकारियों का कहना है कि यह सेंसरशिप धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए है, और वे उन किताबों को प्रतिबंधित करते हैं जो धर्म, शरिया या सरकार के विरोधाभासी होते हैं या जिनमें जीवित चीजों की छवियां होती हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी विशेष देश या लेखक को लक्षित करना नहीं है, बल्कि यह उनके धर्म और सांस्कृतिक सिद्धांतों के अनुसार कार्य करने का प्रयास है।इस सेंसरशिप नीति के परिणामस्वरूप, अफगानिस्तान में साहित्यिक और सांस्कृतिक संवाद की संभावना घट रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर विचारों के आदान-प्रदान में भी कमी आ रही है।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts