जमीयत उलमा-ए-हिंद देगा मृतकों के परिजनों को दस दस हजार रुपये और घायलों को पांच पांच रुपए:अरशद मदनी ने किया ऐलान।

भास्कर न्यूज़ उत्तर प्रदेश उत्तराखंड

मुज़फ्फरनगर। बुढ़ाना हाथरस प्रकरण में घायल और जान गंवाने वालों को जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के सौजन्य से मृतकों के परिजनों को दस दस हजार रुपये देने और घायलों को पांच पांच हजार रूपये देने की पहल को सराहा गया। हाथरस में सतसंग में हुए हादसे में मारे गये लोगो को जमीयत उलमा-ए-हिंद के सौजन्य से मृतकों के परिजनों को दस दस हजार रुपये देने और घायलों को पांच पांच हजार रूपये देने की पहल को सराहा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि सरकार के अतिरिक्त अब तक किसी अन्य संगठन या संस्था ने यहां का दौरा नहीं किया। जमीयत उलमा-ए-हिंद पहला संगठन है जो न केवल वहां पहुंचा बल्कि पीड़ितों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की। चूंकि पीड़ितों का सम्बंध किसी एक क्षेत्र या ज़िले से नहीं है बल्कि आस-पास के कई ज़िलों और क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग सत्संग में गए थे, इसलिए ज़िला और क्षेत्र की इकाइयों को यह निर्देश दिया गया है कि वह अपने अपने ज़िले और क्षेत्र में पीड़ितों के घर जाएं, उनके दुख में शरीक हों और आर्थिक सहायता पहुंचाएं। इस संबध में मौ0आसिफ कुरैशी ने कहा की यह कार्य कर कर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने साबित कर दिया है की यह जमात देश में इंसानियत के नाते सर्व धर्म के मानने वालो लोगो की मदद करती है। मौलाना इमरान हुसैनपुरी ने कहा की इस कारनामें से देश में उन लोगो को सबक लेना चाहिए जो समाज में नफरत के बीज बोते है ,उन्होंने कहा की इंसानियत से ही समाज तरक्की करता है उन्होंने कहा की मौलाना अरशद मदनी साहब का यह बड़ा कार्य हैं जो की अपने आप में एक मिसाल है। हाफिज शेरदीन ने कहा की जमीयत उलमा का प्रतिनिधि मंडल पीड़ितो से लगातार मिलकर मौलाना अरशद मदनी साहब के निर्देश पर पीड़ितो की आर्थिक मदद कर रहे है। उन्होंने कहा की इस संगठन का शानदार इतिहास है चाहे देश की स्वतंत्रता की लड़ाई हो या देश सेवा में विशेष योगदान है। हाफिज तहसीन ने कहा की मौलाना अरशद मदनी ने पूर्व में भी उत्तराखंड आसाम कश्मीर केरल आदि में बैगर भेदभाव के पीड़ितो की मदद के साथ साथ मकान भी बनाकर दिये थे और सभी धर्मो के छात्रों को स्कॉलरशिप भी देते है।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts