मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील तेवतिया के आदेशों के अनुपालन में तथा जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश गुप्ता के दिशानिर्देशन में ग्राम कैलावाड़ा कलाँ, ब्लॉक खतौली में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एक मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन ग्राम प्रधान मनु चौधरी और डॉ लोकेश गुप्ता द्वारा किया गया। शिविर की थीम ‘सुरक्षा से सम्पूर्ण सुरक्षा तक’ रखी गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की जनता को एक ही स्थान पर समस्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।
शिविर में पंजीकरण, सामान्य रोग, चर्म रोग, दंत रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, यौन संबंध जनित रोगों का उपचार, निःशुल्क जांच, परामर्श तथा दवा वितरण की व्यापक व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विभिन्न जांचों और परामर्श सेवाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया गया। कुल 838 लाभार्थियों ने शिविर में पंजीकरण कराया। इनमें 510 सामान्य रोग, 92 चर्म रोग, 106 स्त्री रोग और 36 दंत रोग के मरीज शामिल रहे। गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के तहत 432 लोगों की जांच की गई, जबकि 105 लोगों को योग परामर्श और 116 को परिवार नियोजन संबंधी परामर्श दिया गया।
क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में 287 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई तथा 23 बलगम जांच कराई गई। एचआईवी स्क्रीनिंग के अंतर्गत 225 लोगों की जांच की गई। इसके अलावा 316 शुगर जांच, 368 रक्तचाप जांच और 105 एक्स-रे जांच की गईं। आयुष ओपीडी में 233 मरीजों ने परामर्श लिया और 10 लोगों का टीकाकरण किया गया। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 45 आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए, जिससे पात्र लाभार्थियों को भविष्य में निःशुल्क उपचार का लाभ मिल सकेगा।
शिविर का आयोजन ब्लॉक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अवनीश कुमार सिंह द्वारा कराया गया तथा सफल संचालन डॉ कपिल, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी और बीपीएम जावेद के नेतृत्व में किया गया। शिविर के दौरान टीबी से ग्रसित रोगियों को ग्राम प्रधान और जिला क्षय रोग अधिकारी द्वारा पोषण पोटली, जिसमें प्रोटीन युक्त आहार सामग्री शामिल थी, वितरित की गई। इससे मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके पोषण स्तर को सुधारने पर भी बल दिया गया।
समापन अवसर पर शिविर में सहयोग करने वाले समस्त चिकित्सकों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस दौरान डॉ सुप्रिया, डॉ ध्रुव, डॉ वेद भूषण, डॉ चेतन, डॉ मुजीबुर रहमान, अमरीश, शुभम फार्मासिस्ट, उमेश एचईओ, धर्मदास, विकुल एलटी, रश्मि, बबीता, ममता एएनएम, हरेंद्री, लक्ष्मी, दीपक, रोहित सीएचओ, पार्वती सहित आशा संगिनियों और समस्त आशा कार्यकत्रियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को घर के निकट बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हुईं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में भी वृद्धि हुई।















