सहारनपुर। थाना नागल क्षेत्र में मेरठ सराफा कारोबारी के कर्मचारियों से बृहस्पतिवार रात हुई 3.50 करोड़ लूट की वारदात फर्जी निकली। पुलिस ने दोनों कर्मचारियों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही ज्वैलरी भी बरामद कर ली है।
दोनों कर्मचारियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर ज्वैलरी और नगदी को हड़पने के लिए लूट का नाटक किया था। पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात सूचना मिली थी कि नागल थाना क्षेत्र में सराफा कारोबारी के दो कर्मचारियों के साथ लूटपाट हुई है। पुलिस मौके पर पहुंची। वहां पर कारोबारी के सेल्समैन सत्यम शर्मा व तरुण सैनी ने बताया कि वह एक जुलाई को मेरठ से ज्वैलरी व सैंपल लेकर अंबाला गए थे। वहां से लौटते समय सहारनपुर से कुछ पेमेंट लिया और मेरठ के लिए चल दिए।
नागल थाना क्षेत्र में लाखनौर के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनकी कार के शीशे तोड़ दिया। कार रोकते ही बदमाशों ने मारपीट की। दोनों को बेहोशी की हालत में हाथ-पैर बांधकर सड़क किनारे छोड़ गए। जिससे वह दोनों बेहोश हो गए। करीब दो-ढाई घंटे बाद जब होश आया तो ज्वेलरी और नगदी का बैग गायब था। बैग में नगदी और जेवरात करीब 3:50 करोड़ के थे। चालक को नशे की हालत में देखकर पुलिस को शक हुआ। सख्ती से पूछताछ में बताया कि वह ज्वैलरी और नगदी को हड़पना चाहते थे। इसलिए तीन साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। एक आरोपी सेल्समैन का साला है।
इनकी हुई गिरफ्तारी :
पुलिस ने कारोबारी के सेल्समैन सत्यम निवासी भगवती चक्की वाली गली थाना ब्रह्मपुरी, चालक तरुण पुत्र मुकेश सैनी निवासी रिठानी, सत्यम का साला डंपी उर्फ हिमांशु पुत्र चंद्रशेखर निवासी मोहल्ला बेरीबाग थाना टीपीनगर और उसके दो साथी प्रिंस पुत्र करण सिंह निवासी मोहल्ला बेरीबाग, कंवरपाल उर्फ मामा पुत्र गंगादास निवासी सक्केवाली गली कस्बा व थाना मुरादनगर को गिरफ्तार किया है।















