बाँदा ,जनपद में पशु तस्करी का खेल काफी लंबे से चल रहा है जिस पर पुलिस के द्वारा लगातार कार्यवाही करके कई कंटेनर पशुओं से भरे पकड़े गए उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनको जेल भी भेजा गया मगर मध्य प्रदेश के रास्ते होते हुए चित्रकूट, राजापुर से बांदा जनपद के कुछ पशु तस्कर बेखौफ होकर कमासीन, बबेरू, बिसंडा,जमालपुर, चिल्ला, मटौंध,नरैनी,गिरवा कालिंजर ,फतेगंज थानों से निकलवाने की जिम्मेदारी पशु तस्कर लेते हैं इसके एवाज में एक गाड़ी से ₹25000 लिया करते हैं सूत्र बताते हैं कि यह पशु तस्कर हर थाने में महीने की सेटिंग भी कर लेते हैं जिससे उनकी मध्य प्रदेश से आने वाली पशुओं से भरी गाड़ी ना रोकी जाए और ना पकड़ी जाए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने जब से बाँदा जनपद का चार्ज संभाला है तब से लगातार पशु तस्करों पर और अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। कई अपराधियों की मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी और उनको जेल भेजा गया है मगर कहीं ना कहीं पशु तस्करो के हौसले अभी भी बुलंद है जब जनपद में ही कुछ बजारे हैं जिनके मालिकों के द्वारा गाड़ियों में भूसे की तरह पशुओं को भर दिया जाता है और जिले से बाहर निकाल दिया जाता है उनके ऊपर जब कार्रवाई नहीं होती तो मध्य प्रदेश से आने वाले गाड़ियों पर कैसे लगाम लगेगी इस समय जनपद में बाहर से आए हुए व्यापारी पशुओ की खरीदी करते हैं पशुओं को बड़े-बड़े ट्रैकों में भूसे की तरह भर कर ले जाते हैं कई पशुओं की गाड़ी में ही मौत हो जाती है इन गाड़ियों को भी जनपद पार करने का ठेका पशु तस्कर ही लेते हैं इसके एवाज में बाजार मालिक भी इनको मोटी रकम देते हैं सूत्र बताते हैं कि पशु तस्करों की सेटिंग इतनी तगड़ी होती है कि उनकी गाड़ियों को कोई रोक भी नहीं सकता ये सारा खेल रात मे 11 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक चलता है पशु से भरे कंटेनर और ट्रैकों के पीछे हमेशा पशु तस्करों की चार पहिया आगे पीछे नजर आती है















