नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हाल ही में छात्रों और प्रशासन के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई है। 10 फरवरी 2025 से, छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बिना अनुमति के प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंध और कुछ छात्रों को जारी किए गए ‘कारण बताओ नोटिस’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 13 फरवरी की सुबह, दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश कर लगभग 14 छात्रों को हिरासत में लिया, जो धरने पर बैठे थे।पुलिस कार्रवाई के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शन में शामिल 17 छात्रों को निलंबित कर दिया और उनके नाम, फोटो, कोर्स विवरण, संपर्क नंबर और अन्य निजी जानकारी विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर दी। इस सूची में सात छात्राओं की जानकारी भी शामिल थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया। छात्रों ने इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी निजी जानकारी साझा कर उन्हें उत्पीड़न या हिंसा का शिकार बनाना चाहता है।
This is NOTHING but an act of vendetta by @jmiu_official!
— Neha (@neha_aisa) February 14, 2025
What gives Jamia admin the right to disclose the home address & phone number of young women and students! Jamia will be held responsible for any harassment/ attack against these students! @DelhiPolice pls take note. pic.twitter.com/G2QLmsApQs
सस्पेंड होने वाले 17 छात्रों में से एक छात्रा सोनाक्षी ने TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए कहा, “2019 में भी जामिया के छात्रों पर गोली चल चुकी है और कई छात्रों को ऑनलाइन हैरेस किया जा चुका है. अगर ऐसा कुछ हमारे साथ होता है, तो इसका सीधा जिम्मेदार जामिया प्रशासन होगा.” उन्होंने आगे कहा जामिया प्रशासन दिल्ली पुलिस से भी हमारे घर पर फोन कराकर हमारे मां-बाप पर दबाव बनवा रहा है कि वह अपने बच्चों को प्रोटेस्ट से दूर करें. वहीं अब जामिया के छात्र इसके खिलाफ 17 फरवरी को क्लासों का बहिष्कार करने जा रहे हैं.
कैसे हुई प्रोटेस्ट की शुरुआत?
दिसंबर 2019 में जामिया में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिस दौरान 15 दिसंबर को जामिया में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की थी, जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए थे. छात्रों ने बताया कि पिछले पांच सालों से जामिया के छात्र इस दिन को ‘जामिया रेसिस्टेंस डे’ के तौर पर मनाते हैं. जब 15 दिसंबर 2024 से पहले छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से इसको आयोजित करने की अनुमति मांगी तो प्रॉक्टर ऑफिस ने अनुमति देने से इंकार कर दिया और यूनिवर्सिटी को 15 दिसंबर के दिन बंद कर दिया गया है.
बंद करने के पीछे तर्क दिया गया कि यूनिवर्सिटी परिसर में मेंटेनेंस का काम चल रहा है. लेकिन छात्रों ने 16 दिसंबर को ‘जामिया रेसिस्टेंस डे’ मनाया और यूनिवर्सिटी के सेंट्रल कैंटीन पर प्रदर्शन किया. जिसके बाद 17 दिसंबर 2024 को प्रोटेस्ट लीड करने वाले PhD स्कॉलर सौरभ त्रिपाठी के अलावा ज्योति, फ़ुज़ैल शब्बर और निरंजन KS सहित तीन अन्य छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसमें उन पर कक्षाओं और शोध कार्य को बाधित करने और ‘अपने दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने’ का आरोप लगाया गया था.बाद में, 9 फरवरी 2025 को त्रिपाठी और ज्योति को कथित तौर पर एक और नोटिस भेजा गया, जिसमें कहा गया कि कारण बताओ नोटिस पर उनका जवाब ‘असंतोषजनक’ था. साथ ही यूनिवर्सिटी ने एक और नोटिस जारी करते हुए कैंपस में किसी भी तरह के प्रदर्शन को बिना अनुमति आयोजित करने पर पाबंदी लगा दी. इस नोटिस के बाद जामिया के छात्र एक बार फिर सेंट्रल कैंटीन पर प्रदर्शन पर बैठ गए और मांग रखी – जामिया प्रशासन छात्रों के खिलाफ कारण बताओं और प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने वाले नोटिस वापस ले.

जामिया का 9 फरवरी का नोटिस और उसके बाद शुरू हुआ प्रोटेस्ट
‘टॉयलेट में ताले, लाइटों और वॉटर टेप को किया गया बंद’ – छात्र
जामिया के एक छात्र जीशान अहमद ने बताया कि पुलिस को कैंपस में घुसाने और छात्रों के पोस्टर लगाने से पहले भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रोटेस्ट को हर तरीके से दबाने की कोशिश की है. जीशान ने बताया, “सेंट्रल कैंटीन (प्रोटेस्ट साइट) की लाइट्स बंद की गई हैं, वहां के टॉयलेट्स पर ताला लगाया, पानी और खाना वहां तक जाने नहीं दिया गया.”

जीशान आगे कहते हैं कि क्या जामिया VC ये नहीं जानते थे कि प्रोटेस्ट में फीमेल स्टूडेंट्स भी हैं. फिर रात में अंधेरा और टॉलेट्स को क्यों बंद किया गया?
प्रोटेस्ट पर जामिया का बयान
जामिया प्रशासन ने प्रोटेस्ट पर चेतावनी देते हुए 13 फरवरी को एक्स पर लिखा, “मुट्ठी भर छात्रों ने 10 फरवरी 2025 की शाम से अकादमिक ब्लॉक में गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया. तब से उन्होंने न केवल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ब्लॉक में कक्षाओं के शांतिपूर्ण संचालन को बाधित किया है, बल्कि अन्य छात्रों को केंद्रीय पुस्तकालय तक पहुंचने से भी रोका है.” हालांकि छात्रों ने यूनिवर्सिटी के इन आरोपों को खारिज किया है.
Official statement of JMI
— Jamia Millia Islamia (NAAC A++ Grade Central Univ) (@jmiu_official) February 13, 2025
A handful of students called for a protest, unlawfully gathering in the academic block since the evening of 10 Feb 2025. Since then they have not only disturbed the peaceful conduct of classes in the academic block of the university but also prevented…
जामिया VC ने अपनाया ‘योगी मॉडल’?
वहीं सोशल एक्टिविस्ट नदीम खान ने छात्रों के फोटो साझा करने पर कहा कि जामिया VC ‘योगी मॉडल’ अपना रहे हैं. लखनऊ पुलिस ने 2020 में CAA प्रोटेस्ट के बाद प्रोटेस्टर के फोटो और एड्रेस लखनऊ के चौराहे पे लगा दिए थे, जिसको सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हटाना पड़ा था. नदीम खान ने कहा, “अब इन लड़के और लड़कियों को कोई क्रिमिनल फोन करे या घर पे धमकी दे. जबकि व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करना बिल्कुल मना है .















