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मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों का व्यापक औचक निरीक्षण करवाया, जिसके दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस निरीक्षण अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखना और कामकाज की सुचारूता सुनिश्चित करना था।
जिलाधिकारी के निर्देश पर कई वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न कार्यालयों का दौरा किया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन, नरेन्द्र बहादुर सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां 10 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इसी प्रकार, नगर मजिस्ट्रेट ने विद्युत नगरीय वितरण खंड प्रथम टाउन हाल और नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के कार्यालयों का निरीक्षण किया, जिसमें क्रमशः 10 और 5 अधिकारी/कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
मुख्य विकास अधिकारी संदीप भागिया द्वारा विकास भवन स्थित कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण, जिला अल्पसंख्यक कल्याण, जिला विकास कार्यालय, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, समाज कल्याण विभाग, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण, सहकारिता, जिला नगरीय विकास अभिकरण, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय, जिला कृषि अधिकारी, और कौशल विकास मिशन कार्यालय सहित कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
अन्य उप जिलाधिकारियों ने भी अपने अधीनस्थ क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किए। जानसठ, बुढाना, और खतौली में हुए निरीक्षणों में कई सरकारी कार्यालयों में अनुपस्थिति दर्ज की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और खंड विकास अधिकारी कार्यालयों में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थे।
जिलाधिकारी ने अनुपस्थित पाए गए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह निरीक्षण अभियान सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और कार्यालय की साफ-सफाई बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया था। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि प्रशासन सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा और आवश्यकतानुसार सख्त कदम उठाएगा।
















