केरल के वायनाड जिले में एक स्कूल में अचानक बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। वायनाड के कोयलाडी क्षेत्र स्थित मार बेसेलियस एडेड अपर प्राइमरी स्कूल के करीब 150 छात्र पिछले तीन दिनों से बुखार, उल्टी और अन्य शारीरिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इनमें से 38 बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें बाथेरी तालुक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी छात्र की हालत गंभीर नहीं बताई गई है।
जिला चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बच्चों में बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। अस्पताल में प्रभावित बच्चों के इलाज के लिए एक विशेष वार्ड बनाया गया है ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों के अलावा स्कूल के एक शिक्षक ने भी अस्वस्थता की शिकायत की है, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूल में एक सप्ताह की छुट्टी घोषित कर दी है। इस दौरान स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र की जांच की जाएगी ताकि बीमारी के संभावित कारणों का पता लगाया जा सके। पंचायत अधिकारियों ने अस्पताल का दौरा कर बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति संतोषजनक है और उनमें धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार कुछ बच्चों में बीमारी के लक्षण पहली बार 1 जून को दिखाई दिए थे। शुरुआत में इसे सामान्य मौसमी संक्रमण माना गया, लेकिन बाद में प्रभावित छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पानी, भोजन और अन्य संभावित स्रोतों की जांच शुरू कर दी। डॉक्टरों ने बच्चों के रक्त और अन्य नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारण का खुलासा हो सकेगा।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने अभिभावकों से घबराने के बजाय बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बीमारी किसी संक्रमण, दूषित भोजन, पानी या किसी अन्य कारण से फैली है।















