भारत और हिंदू धर्म को लेकर इजरायली-अमेरिकी रब्बी योसी मिजराही की आपत्तिजनक टिप्पणियों पर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले में इजरायल दूत ने भारतीयों और हिंदुओं से माफी मांगी है।मध्य-पश्चिम भारत के लिए इजरायली महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने यहूदी धर्मगुरू की टिप्पणियों पर कहा कि योसी मिजराही की बातें घिनौनी और बेहद आपत्तिजनक हैं। वह यहूदी समुदाय या इजरायल का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
‘योसी मिजराही की बातों से मुझे घिन आ रही है’
यानिव रेवाच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “योसी मिजराही की हिंदू धर्म के खिलाफ जहरीली और आपत्तिजनक बकवास से मुझे बेहद घिन आ रही है। यह कट्टरपंथी और होलोकॉस्ट से इनकार करने वाला व्यक्ति किसी का प्रतिनिधित्व नहीं करता, सिवाय अपनी अज्ञानता के।”उन्होंने आगे कहा कि योसी मिजराही को इजरायल और ब्रिटेन के मुख्यधारा के यहूदी समुदायों ने पूरी तरह बहिष्कृत कर रखा है और उनसे दूरी बना रखी है। रेवाच ने स्पष्ट किया कि यह व्यक्ति अपने बयानों के जरिए किसी भी तरह से यहूदी समुदाय की सोच को प्रदर्शित नहीं करता।
इजरायल और यहूदी समुदाय हिंदू धर्म का सम्मान करते हैं
इजरायली महावाणिज्य दूत ने भारत और इजरायल के रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि यहूदियों और इजरायलियों के मन में भारत और उसके धार्मिक विश्वासों के प्रति गहरा सम्मान है। उन्होंने कहा, “हम इस बात के लिए दिल से माफी मांगते हैं कि इस जोकर की मूर्खता हमारे रिश्तों को नुकसान पहुंचा रही है।” रेवाच के इस बयान को भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
योसी मिजराही ने हिंदुओं और भारतीय डॉक्टरों पर की थी टिप्पणी
दरअसल, योसी मिजराही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह हिंदुओं की गाय के प्रति धार्मिक आस्था का मजाक उड़ाते नजर आए। उन्होंने दावा किया कि भारत में हिंदू गाय की पूजा करते हैं और उसके मूत्र को फर्श से चाटते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ भारतीय डॉक्टर भी ऐसा करते हैं।मिजराही ने नई दिल्ली की सड़कों पर घूमने वाली गायों को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने भारतीय डॉक्टरों का मजाक उड़ाते हुए कहा था कि अस्पताल में इलाज के लिए जाने पर संभव है कि डॉक्टर ने पिछली रात गाय का मूत्र पिया हो। उनकी इन टिप्पणियों के बाद भारत ही नहीं, इजरायल में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
पहले भी विवादों में रहे हैं योसी मिजराही
योसी मिजराही इससे पहले भी अपने विवादित बयानों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं। वर्ष 2015 में उन्होंने होलोकॉस्ट में मारे गए यहूदियों की संख्या को लेकर गलत दावा किया था। उन्होंने कहा था कि इस दौरान 10 लाख से भी कम यहूदी मारे गए, जबकि ऐतिहासिक आंकड़ों के मुताबिक नाजी जर्मनी और उसके सहयोगियों ने करीब 60 लाख यहूदियों की हत्या की थी। आलोचना के बाद उन्हें अपने बयान पर माफी भी मांगनी पड़ी थी।वर्ष 2016 में 16 ऑर्थोडॉक्स यहूदी रब्बियों ने भी उनके प्रचार के तरीकों और बयानों की आलोचना की थी। मार्च 2019 में ब्रिटेन में उनके प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर भी विवाद हुआ था।















