चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई के चलते कई झोलाछाप अब सुबह और शाम को मात्र दो-दो घंटे के लिए अपने क्लिनिक खोलने लगे हैं। इसी बीच, एक बंगाली व्यक्ति द्वारा अवैध क्लिनिक संचालित करने की सूचना मिलने पर विभाग की टीम ने आज सुबह साढ़े छह बजे अचानक दबिश दी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार, डिप्टी सीएमएचओ, आरसीएचओ, बीसीएमओ पिंडवाड़ा, पीएचसी भारजा के इंचार्ज, फार्मासिस्ट और पुलिस विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। यह छापा सिरोही जिले की पिंडवाड़ा तहसील के अचपुरा गांव में डाला गया, जहां अमूल समजदार नामक व्यक्ति पिछले 25 वर्षों से अवैध रूप से क्लिनिक चला रहा था। वह पश्चिम बंगाल के कोलकाता का निवासी बताया गया है।
छापेमारी के दौरान टीम को भारी मात्रा में दवाइयां बरामद हुईं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने झोलाछाप अमूल समजदार को गिरफ्तार कर लिया है और स्वरूपगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है।















