सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर दायर याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के क्रम में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाबी हालकनामा मांगा है। यूपी सरकार को मामले में जवाबी हालकनामा दायर करने के लिए समय दिया गया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की ओर से सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख 12 अक्टूबर निर्धारित की गई है। हाई कोर्ट ने मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में अगली तारीख तक सिटी मजिस्ट्रेट की ओर मस्जिद कमिटी पर लगाए गए 6 करोड़ रुपए से अधिक जुर्माने की राशि की वसूली पर भी रोक लगा दी है।
हाई कोर्ट में दायर हुई याचिका
सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले में हाई कोर्ट में मुतवल्ली तनवीर अहमद ने मंगलवार को याचिका दायर की गई थी। याचिका में प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती दी गई। मामले में सरकार को विपक्षी पार्टी बनाया गया। याचिका में आरोप है कि प्रशासन ने शनिवार 5 सितंबर को कलेक्ट्रेट परिषद स्थित मस्जिद को बिना नोटिस और सक्षम आदेश के ध्वस्त कर दिया।याचिका में प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा बिजली का बिल स्वीकार नहीं करने, गवाहों की पूरी गवाही नहीं कराने और फाइल को बहस में लगाकर अंतिम निर्णय किए जाने समेत प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं को चुनौती का आधार बनाया गया है।
सरकार-प्रशासन पर गंभीर आरोप
हाई कोर्ट में दायर याचिका में मस्जिद कमिटी की ओर से कहा गया है कि पीपी एक्ट के तहत एक्शन लेने से पहले वादी पक्ष ने स्वामित्व साबित नहीं किया। सरकार और प्रशासन की ओर से इस संबंध में पर्याप्त आधार पेश नहीं किया गया। मस्जिद कमिटी ने कहा है किमामले में न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित कानूनी प्रावधानों पालन किया जाना चाहिए था।
लगा था 6.41 करोड़ का जुर्माना
मस्जिद मैनेजमेंट पर सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई को 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हाई कोर्ट में दायर याचिका में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ-साथ प्रशानिक कार्रवाई के आधार को भी चुनौती दी गई है। मस्जिद को नोटिस न दिए जाने और ध्वस्तीकरण की तत्काल कार्रवाई से संबंधित कोई आदेश न दिखाने का भी आरोप है।सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में क्या प्रशासन का कदम सही था? अपनी राय दीजिए।























































