विश्व रोगी सुरक्षा सप्ताह में मरीजों की सुरक्षा पर दिया जोर.

मुजफ्फरनगर। जिला महिला चिकित्सालय, मुजफ्फरनगर में 17 सितंबर से 24 सितंबर तक विश्व रोगी सुरक्षा सप्ताह मनाया गया। इस अभियान का उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं के दौरान मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के प्रति चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और मरीजों को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के तहत मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मुरली भास्कर की अध्यक्षता में विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई।संगोष्ठी में डॉ. मुरली भास्कर ने कहा कि महिला मरीजों और नवजात शिशुओं की देखभाल के दौरान संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता और दवाओं की सही मात्रा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि रोगी सुरक्षा केवल अस्पताल के नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक मरीज के इलाज में इसे प्राथमिकता देना चिकित्सकीय जिम्मेदारी है।

उन्होंने चिकित्सा कर्मियों से उपचार के दौरान सटीक संवाद और दवाओं के सही मिलान पर विशेष ध्यान देने की अपील की।रोगी सुरक्षा सप्ताह के दौरान चिकित्सालय में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सकों ने पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रसव और ऑपरेशन के दौरान स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, दवाओं के सही उपयोग तथा मरीजों के साथ प्रभावी संवाद का संदेश दिया। पोस्टरों को अस्पताल के ओपीडी और विभिन्न वार्डों में प्रदर्शित किया गया।

इसके अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञों, बाल रोग विशेषज्ञों और स्टाफ नर्सों ने सामूहिक रूप से मरीजों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करने की शपथ ली। सप्ताह के दौरान अस्पताल में इंटरनल सेफ्टी ऑडिट भी किए गए, जिससे उपचार व्यवस्था में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा सके।मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका ने मरीजों, विशेषकर महिला मरीजों से अपील की कि वे अपने इलाज और दवाओं के संबंध में जागरूक रहें तथा किसी भी तरह की शंका होने पर चिकित्सकों से जानकारी लें। उन्होंने कहा कि जागरूक मरीज ही सुरक्षित मरीज है।

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