मुजफ्फरनगर। कैंसर के इलाज में सर्जरी की अहम भूमिका होती है। आधुनिक मेडिकल तकनीक के विकास के साथ रोबोटिक सर्जरी ने कैंसर के उपचार में नए विकल्प उपलब्ध कराए हैं। इस तकनीक की मदद से कुछ प्रकार के गाइनेकोलॉजिकल कैंसर और सिर एवं गर्दन के कैंसर की चुनिंदा सर्जरी अधिक सटीकता के साथ की जा सकती है। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, वैशाली स्थित मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. चिराग जैन ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी में ऑपरेशन रोबोट नहीं, बल्कि सर्जन स्वयं करते हैं। रोबोटिक सिस्टम सर्जन को छोटे उपकरणों को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें हाई-डेफिनिशन थ्रीडी कैमरे के माध्यम से ऑपरेशन वाले हिस्से को बड़ा और स्पष्ट देखकर सर्जरी की जाती है। इससे ट्यूमर को हटाने के साथ आसपास की नसों और स्वस्थ टिश्यूज को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर और एंडोमेट्रियल कैंसर के कुछ मामलों के अलावा सिर एवं गर्दन के कैंसर की चुनिंदा सर्जरी में भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। पारंपरिक सर्जरी में बड़े चीरे की तुलना में रोबोटिक सर्जरी के दौरान शरीर पर छोटे चीरे लगाए जाते हैं। इससे कुछ मरीजों में रक्तस्राव कम होने, ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत घटने और ऑपरेशन के निशान छोटे रहने की संभावना होती है। इसके साथ ही मांसपेशियों और आसपास के टिश्यूज को कम नुकसान पहुंचने से सर्जरी के बाद दर्द में कमी आ सकती है और मरीज को तेज दर्द निवारक दवाओं की जरूरत भी कम पड़ सकती है। डॉ. जैन के अनुसार, कुछ मरीज सर्जरी के बाद एक या दो दिन में अस्पताल से घर जा सकते हैं और सामान्य गतिविधियां जल्दी शुरू कर सकते हैं। हालांकि, रिकवरी का समय मरीज की शारीरिक स्थिति, कैंसर के प्रकार और सर्जरी की जटिलता पर निर्भर करता है। इसलिए प्रत्येक मरीज के लिए उपचार का तरीका विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय किया जाना चाहिए।














