चंडीगढ़। हरियाणा में दो लाख से अधिक युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के सरकारी नौकरियां देकर सिफारिश की संस्कृति को समाप्त कर दिया है। यही सरदार पटेल के सुशासन के सपने की भावना है।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय परिसर में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस में यह बात कही।
अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाते हुए कहा कि सरदार पटेल ने अखिल भारतीय सेवाओं की नींव रखी, जिन्हें देश का स्टील फ्रेम कहा जाता है। उन्होंने 21 अप्रैल 1947 को अधिकारियों को संबोधित करते हुए सेवा, निष्पक्षता और ईमानदारी को प्रशासन की आत्मा बताया था।
उनका मानना था कि अखिल भारतीय सेवाओं के बिना अखंड भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। एकता केवल नक्शे पर खींची गई लकीरों से नहीं बनती, बल्कि फाइलों पर लिए गए निष्पक्ष निर्णयों और जनता के विश्वास से मजबूत होती है।हरियाणा सरकार भी इसी भावना के साथ सुशासन और जनसेवा के संकल्प को धरातल पर उतार रही है।
वहीं, पंचकूला में आयोजित ‘रन फार यूनिटी’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वयं भी दौड़ लगाई।उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे इंटरनेट मीडिया पर किसी भी संदेश को आगे साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। अफवाहों और भेदभाव को बढ़ावा देने वाली बातों से बचें। युवाओं के छोटे-छोटे जिम्मेदार कदम समाज में विश्वास और सद्भाव को बढ़ावा दे सकते हैं।















