बांदा। कहते हैं पुलिस सिर्फ वर्दी नहीं, भरोसा भी है, इसका जीता-जागता उदाहरण बांदा कोतवाली नगर पुलिस ने पेश किया। एसपी पलाश बंसल के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस ने महज कुछ घंटों में गुम हुए तीन मासूमों को सकुशल ढूंढकर उनकी मां के हवाले कर दिया। रात कोतवाली क्षेत्र की एक गरीब महिला ने रोते हुए पुलिस को सूचना दी। वह अपने 4, 5 और 6 साल के तीन छोटे बच्चों के साथ अकेली रहती है। दिन में वह मजदूरी करने बाहर गई थी, जब लौटी तो घर का ताला खुला था और तीनों बच्चे गायब थे। आस-पड़ोस में खोजा, कहीं पता नहीं चला। घबराई मां सीधे कोतवाली पहुंची।
मामले की गंभीरता को देखते ही एसपी पलाश बंसल ने अपर एसपी शिवराज के पर्यवेक्षण और सीओ नगर सौरभ सिंह के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर की टीम को तुरंत एक्टिव किया।थाना कोतवाली पुलिस ने रातभर कॉम्बिंग शुरू कर दी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मंदिर, तालाब, गलियों में एक-एक जगह खंगाली गई। स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, कई जगहों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। और सुबह होते ही मेहनत रंग लाई। 02 नवंबर की सुबह तीनों बच्चे सकुशल बरामद कर लिए गए। पूछताछ में बच्चों ने भोलेपन से बताया हम कुरकुरे लेने घर से निकले थे, फिर रास्ता भूल गए, एक दादी के पास सो गए थे। पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई कर तीनों मासूमों को उनकी मां को सौंप दिया। अपने लालों को सही-सलामत देख मां की आंखों से आंसू छलक पड़े। उसने हाथ जोड़कर बांदा पुलिस का दिल से आभार जताया। इस पूरे ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बांदा पुलिस सिर्फ अपराधियों के लिए सख्त है, मासूमों के लिए ममता से भरी मां जैसी।















