दिल्ली से आ रही साठ लाख की मौत की खेप पकड़ी.

बांदा। जनपद में नशे का काला कारोबार करने वालों के होश उड़ गए जब विशेष कार्य बल और बिसंडा आरक्षी दल ने ऐसा जाल बिछाया कि दिल्ली से अतर्रा आ रही नशे की पूरी खेप ही धर दबोची।अंधेरे में चुपचाप आ रहा था मौत का सामान, पर आरक्षी दल की नजर से बच न सका। गुप्त सूचना पर घेराबंदी हुई और माल वाहक गाड़ी को बीच रास्ते में ही रोक लिया गया। गाड़ी का ताला खुला तो अंदर का नजारा देख आरक्षी दल भी दंग रह गया। सौ-सौ मिलीलीटर की तीस हजार शीशियां, दो सौ पचास पेटी, करीब तीन हजार लीटर नशीला कफ घोल। कीमत सुनोगे तो चौंक जाओगे, लगभग साठ लाख पैंतालीस हजार रुपये। इस काले धंधे में चार तस्कर रंगे हाथ पकड़े गए। उनके नाम हैं धीरेंद्र, प्रवीण उर्फ लकी, रोहित और हापुड़ का शेखर।

माल वाहक गाड़ी के आगे-आगे चल रही चार पहिया गाड़ी भी जब्त कर ली गई, जो रास्ता साफ करने का काम कर रही थी।क्षेत्राधिकारी बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि यह साधारण खांसी का घोल नहीं, बल्कि नशे का मीठा जहर है। इसमें ऐसा नशीला रसायन मिला होता है जो बिना चिकित्सक की पर्ची के बेचना अपराध है। युवा इसे सस्ता नशा समझकर पीते हैं और तस्कर गांव-गांव में दुगने दाम पर बेचकर मोटा धन कमाते हैं। असली खेल तो अभी बाकी है। सूत्र बताते हैं कि इस पूरे जाल का सरताज अतर्रा के श्री श्याम चिकित्सा केंद्र का किशन गुप्ता है, जो अभी फरार है। आरक्षी दल उसकी तलाश में जुटा है और जल्द ही बड़े खुलासे की उम्मीद है।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts