पंजाब बीजेपी प्रभारी सतीश पूनिया ने चंडीगढ़ में गुरुवार को पंजाब के राज्यसभा सांसदों और अन्य सीनियर नेताओं के साथ बैठक की. इस बैठक में राघव चड्ढा भी पहुंचे. बैठक के बाद उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐसे हालात हैं जैसे राशन के लिए लाइन लगती है, वैसे नशे के हालात हैं. पंजाब सरकार बताए कि नशा खत्म होने की बात कह दी तो गुलजार सिंह की क्या गलती थी कि भगवंत मान सरकार से पूछ लिया कि नशा बहुत ज्यादा है और ऐसा जब कोई पूछता है तो उसे मजबूर किया जा रहा है कि मौत को गले लगा ले. इतना टॉर्चर किया गुलजार को कि उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी.राघव चड्ढा ने कहा, ‘जब बीजेपी का शिष्टमंडल गया तो उन्हें रोक दिया गया, जबकि परिवार को संवेदना देने जा रहे नेताओं तक को रोका गया. ये कह रहे हैं कि 15 साल से नशा चरम पर था, जबकि AAP की सरकार में तो होम डिलीवरी चल रही है. आज पंजाब सरकार कटघरे में खड़ी है. आज बीजेपी दफ्तर में जो मीटिंग हुई, उसमें फैसला लिया गया है कि पंजाब में नशा मुक्त पंजाब यात्रा 18 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगी, जो 4 अलग-अलग जगहों से यात्रा शुरू होगी. पंजाब को नशा मुक्त करने के लिए बीजेपी क्या करेगी, उसका प्लान योजना हम यात्रा में देंगे’
पंजाब में नशा बना प्रमुख राजनीतिक मुद्दा
इस यात्रा की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले नशीली दवाओं का मुद्दा एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनकर उभर रहा है और बीजेपी इसे मान सरकार के खिलाफ एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है.
AAP पर राघव चड्ढा का कसा तंज
राघव चड्ढा ने अपने वोट कटने को लेकर कहा कि मैं उनके सपने में भूत बनकर आता हूं और मुझे लेकर AAP के हालात ऐसे हैं कि जैसे गर्लफ्रेंड छोड़ कर चली जाती है और दिलजले आशिक की तरह लगता है कि वो नसें काट लें.























































