बांदा। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बांदा में मतदान केंद्रों की सूरत बदलने वाली है। जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी राजनीतिक दलों के साथ बड़ी बैठक हुई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 1200 से अधिक मतदाता वाले बूथों के संभाजन पर मंथन हुआ।जिलाधिकारी ने कहा एक ही परिवार के वोटर नहीं बंटेंगे, सभी एक ही बूथ पर रहेंगे अब कोई भी सहायक बूथ नहीं रहेगा, सभी को नया सीरियल नंबर मिलेगा। 300 से कम वोटर वाले बूथों को खत्म कर पास के बूथ में जोड़ा जाएगा।जर्जर और कच्चे भवनों से बूथ हटाकर पक्के सरकारी भवन में शिफ्ट होंगे। गांव से 2 किलोमीटर से ज्यादा दूर कोई भी बूथ नहीं रहेगा। निजी मकान, दुकान, शादी घर या किसी नेता के भवन में बना बूथ तुरंत सरकारी भवन में जाएगा। एक बार बूथ तय होने के बाद चुनाव तक जगह नहीं बदलेगी।
जिले में 4 विधानसभा में 829 मतदान केंद्र और 1537 मतदेय स्थल हैं। कुल वोटर 12 लाख 33 हजार 794 हैं। तिंदवारी (232) में 396 बूथ, 10 बूथों पर 1200 से ज्यादा वोटर है।5 भवन बदलेंगे – वोटर 3,10,949 है। बबेरू (233) में 387 बूथ, 4 बूथ समायोजित, 4 भवन बदलेंगे कुल वोटर 3,16,706 है।नरैनी (234) में 413 बूथ, 6 बूथों पर 1200 से ज्यादा वोटर है। कुल वोटर 3,23,567 है। बांदा सदर (235) में 341 बूथ, 9 बूथों पर 1200 से ज्यादा वोटर है। कुल वोटर 2,82,572 है।जिलाधिकारी ने बताया कि राजनीतिक दलों की आपत्ति और सुझाव आज 26 अक्टूबर तक लिए जाएंगे और 27 अक्टूबर को अंतिम प्रस्ताव लखनऊ आयोग को भेजा जाएगा। बैठक में एडीएम न्यायिक माया शंकर यादव, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और सभी एसडीएम मौजूद रहे।















