इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मोसाद प्रमुख रोमन गोफमैन ने 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से ठीक पहले ईरान पर हमला करने की योजना बनाई थी. लेकिन इसकी जानकारी अमेरिका को मिल गई. इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने दखल दिया और इस ऑपरेशन को रुकवा दिया. इजराइल के टीवी चैनल 12 ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
सेना प्रमुख और नेतन्याहू के बीच हुआ था विवाद
इससे पहले 25 अक्टूबर को भी चैनल 12 ने नेतन्याहू और इजराइली सेना प्रमुख इयाल जमीर के बीच तनाव की खबर दी थी. रिपोर्ट में कहा गया कि नेतन्याहू ने एक सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया था. सेना के अधिकारियों को डर था कि इससे ईरान के साथ तनाव बढ़ सकता है.जमीर ने इस कार्रवाई का विरोध किया था. उन्होंने इस पर आगे चर्चा करने और नेतन्याहू से लिखित कानूनी मंजूरी मांगी थी. 26 अक्टूबर को चैनल 12 और 13 ने बताया कि नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज की योजना का विरोध करने वाले जमीर अकेले बड़े सुरक्षा अधिकारी थे. नेतन्याहू ने इन खबरों को बकवास बताया था. प्रधानमंत्री कार्यालय ने ताजा रिपोर्ट भी खारिज की. उसने कहा कि नेतन्याहू पहले ही साफ कर चुके हैं कि चुनाव से पहले ईरान पर हमले की कोई योजना नहीं थी.
ट्रंप से दोबारा युद्ध शुरू करने की अपील
यह खबर ऐसे समय आई है, जब कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर फिर हमले शुरू करने की अपील की थी. हालांकि, ट्रंप बातचीत को और समय देना चाहते हैं. शुक्रवार को ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान से बातचीत कर रहा है और पिछले छह-सात महीनों में उसका कोई सैनिक नहीं मारा गया है. उन्होंने दावा किया कि अगर उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से नहीं रोका होता, तो आज इजराइल और पूरा मिडिल ईस्ट अस्तित्व में नहीं होता.















