मुजफ्फरनगर। विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल एवं सदस्य दीपक गोयल की अध्यक्षता में निराश्रित गोवंश संरक्षण एवं सुरक्षा को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में अधिकारियों को गौशालाओं में गोवंश की बेहतर देखभाल और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। महेश कुमार शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। प्रदेश में 7,700 से अधिक गो आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां 16 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश को संरक्षण दिया जा रहा है। सरकार की ओर से गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत 1,87,065 गोवंश इच्छुक गोपालकों को सौंपे गए हैं और उनके भरण-पोषण की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है। गौशालाओं की निगरानी और पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
जनपद में वर्तमान में 23 गो आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें 6194 गोवंश संरक्षित हैं। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गौशालाओं में क्षमता के अनुसार ही गोवंश रखा जाए तथा नंदी, गर्भवती गाय और बछड़ों को अलग-अलग रखा जाए। जहां वृक्षारोपण नहीं हुआ है, वहां मां और गुरु के नाम से पौधे लगाए जाएं। गौशालाओं में भूसा, हरा चारा और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रहे।
उन्होंने सड़क पर घूमने वाले गोवंश को तत्काल गौशाला में शिफ्ट कराने, सहभागिता योजना के तहत गोपालकों को समय से भुगतान करने और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। गोवंश की मृत्यु होने पर नियमानुसार दफनाने तथा नए गोवंश संरक्षण केंद्रों के लिए एसडीएम से समन्वय कर भूमि उपलब्ध कराने को भी कहा गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।























































