तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में बुधवार को आए भीषण फ्लैश फ्लड ने वहां के साथ-साथ नेपाल में भी भारी तबाही मचाई है. नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा के बीच आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने सोशल मीडिया पर अपने कैलाश यात्रा समूह के लोगों को लेकर चिंता जताई है. सद्गुरु के मुताबिक, उनके एक कैलाश समूह के कुछ सदस्य वापस लौटते समय ग्यिरोंग के इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद थे, तभी अचानक बाढ़ आ गई और इमारत समेत शहर का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया.
सद्गुरु ने कहा कि इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद लोगों के ठिकाने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि उनकी टीम अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित जगह तक पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान में हर संभव मदद के लिए तैयार है. सद्गुरु के मुताबिक, उनके ‘Sojourn’ के तहत 21 समूहों में शामिल कुल 1,466 लोग अलग-अलग जगहों पर हैं. इनमें 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं, जबकि 743 लोग फिलहाल तिब्बत में हैं, 148 लोग नेपाल में हैं, 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर में थे और तीन वॉलंटियर्स नेपाल के तिमुरे में हैं.
सद्गुरु ने कहा कि वॉलंटियर्स और सपोर्ट टीमें राहत एवं बचाव में मदद के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि वह खुद क्षेत्र में मौजूद हैं और मौजूदा परिस्थितियों में जितना संभव हो सके, उतना बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं
विनाशकारी बाढ़ में 384 यात्री लापता
नेपाल में आए इस विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 105 भारतीय, 93 नेपाली, तीन अमेरिकी नागरिक और 12 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा एक जलविद्युत संयंत्र में काम कर रहे 8 दक्षिण कोरियाई नागरिक भी लापता हैं. लापता लोगों में 17 मलेशियाई नागरिक, चार दक्षिण अफ्रीकी और ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड से भी एक-एक व्यक्ति शामिल हैं.
क्या खतरा टल गया है?
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दूसरी बाढ़ आ सकती है, क्योंकि लेंडे खोला नदी के ऊपरी हिस्से में अभी भी एक अवरोध मौजूद है. इसको लेकर नेपाल की सीमा से लगे भारतीय राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, क्योंकि हिमालय से कई नदियां नीचे आकर इन राज्यों के मैदानी इलाकों में बहती हैं. फिलहाल नेपाल में राहत-बचाव कार्य जारी है. लापता लोगों की हेलीकॉप्टर से भी तलाश की जा रही है.























































