मुजफ्फरनगर। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने और बाल अधिकारों के संरक्षण के उद्देश्य से जनपद में ‘बाल विवाह मुक्त भारत, बाल विवाह मुक्त उत्तर प्रदेश एवं बाल विवाह मुक्त मुजफ्फरनगर’ अभियान के तहत विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पांच पर्व के शुभारंभ के अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, नगरीय क्षेत्र मुजफ्फरनगर में कार्यशाला, शपथ ग्रहण समारोह और उपहार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने किया। कार्यक्रम में डॉ. राजीव कुमार, विद्यालय की वार्डन बबिता शर्मा, शिक्षिकाओं शिल्पा एवं कोमल तथा छात्राओं ने दीप प्रज्वलित कर बाल विवाह के अंधकार को दूर करने का संकल्प लिया। इस दौरान बालिकाओं ने शपथ ली कि वे स्वयं बाल विवाह नहीं करेंगी और समाज में कहीं भी बाल विवाह होने की जानकारी मिलने पर उसे रोकने के लिए जागरूकता फैलाएंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने छात्राओं को बाल विवाह न करने तथा अपने आसपास होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए आगे आने की शपथ दिलाई।
कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह कराने, करवाने या उसमें सहयोग करने पर दो वर्ष तक के कारावास और एक लाख रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों सजा का प्रावधान है। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा के महत्व, बाल अधिकारों और कम उम्र में विवाह से होने वाले सामाजिक एवं व्यक्तिगत नुकसान के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के अंत में बाल विवाह नहीं करने और इसे रोकने की शपथ लेने वाली सभी बालिकाओं एवं विद्यालय स्टाफ को पांच पर्व की शुभकामनाओं के साथ स्माइल मग भेंट किए गए। विद्यालय की वार्डन बबिता शर्मा ने जनपदवासियों से बाल विवाह मुक्त मुजफ्फरनगर अभियान में सहयोग करने और इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने की अपील की। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।















