बांदा। उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं जिला जज /अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेन्द्र सिंह के निर्देशन में आज अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पल सिंह द्वारा मण्डल कारागार, बांदा का निरीक्षण किया गया।
सर्वप्रथम कारागार के निरीक्षण महिला बैरक निरीक्षण किया गया। सभी महिला बन्दियों से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराये जाने तथा अन्य विधिक सहायता प्रदान किये जाने के सम्बंध में जानकारी ली गयी। सचिव महोदय द्वारा बन्दियों को समयपूर्व रिहाई हेतु पात्र बन्दियों एवं ऐसे बन्दी जोकि आर्थिक रुप से कमजोर है एवं जमानत दाखिल करने में असमर्थ है, ऐसी महिला बन्दियों से प्रार्थना पत्र द्वारा जेल अधीक्षक के कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा में प्रेषित करने हेतु अनुरोध किया गया, जिससे कि सर्वाच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित हो सकें। महिला बन्दियों से खान-पान व स्वास्थ्य के सम्बन्ध में पूंछे जाने पर बन्दियों द्वारा सन्तोषजनक उत्तर दिया गया। सचिव महोदय द्वारा माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के आदेशानुसार साथी अभियान के अन्तर्गत गरीब निराश्रित बच्चों एवं महिला बन्दियों के साथ रह रहें बच्चे जिनके आधार कार्ड अब तक नहीं बने हैं उनसे कारागार में कैम्प लगाकर आधार कार्ड बनवाये जाने के निर्देश दिये गये। महिला बैरक में वर्तमान में महिलाओं के साथ 07 बच्चें रह रहे हैं जिनके आधार कार्ड नही बने। निरीक्षण के दौरान उपस्थित जेल अधीक्षक श्री अनिल कुमार गौतम द्वारा कारागार में कैम्प लगाकर महिला बन्दियों के साथ रह रहे बच्चों के आधार कार्ड जल्द ही बनवाये जाने का आश्वासन दिया गया। महिला बन्दियों के बच्चों के लिए टी०वी०, खेल व मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध हैं। महिला बन्दियों के लिए पीने हेतु वाटर कूलिंग मशीन मय आर०ओ० के लगी हुई हैं जिससे कि महिला बन्दियों को ठण्डा पानी पीने हेतु प्राप्त हो रहा हैं। निरीक्षण के दौरान लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम बांदा के चीफ श्री मूलचन्द्र कुशवाहा, डिप्टी चीफ श्री विकान्त सिहं तथा सहायक अधिवक्ता अनुराग तिवारी द्वारा महिला बन्दियों के मुकदमों के सम्बंध में जानकारी प्रदान की गयी। निरीक्षण के समय अधीक्षक अनिल कुमार गौतम, जेलर विकम सिंह यादव, उप जेलर निर्भय सिंह एवं राशिद अहमद, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा मौजूद रहें।















