अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। इलिनोइस राज्य की एक स्थानीय अदालत ने 6 जनवरी 2021 की यूएस कैपिटल दंगा में उनकी कथित भूमिका के लिए उन्हें प्राइमरी मतदान में उपस्थित होने से रोक दिया है।अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर इस तरह का प्रतिबंध लगाने वाला इलिनोइस तीसरा राज्य है। इससे पहले कोलोराडो और मेन राज्य डोनाल्ड ट्रंप को राज्य के प्राइमरी बैलेट से अयोग्य घोषित कर चुके हैं। इलिनोइस में 19 मार्च को प्राइमरी चुनाव होंगे।
इलिनोइस कुक काउंटी सर्किट की जज ट्रेसी पोर्टर ने मतदाताओं का पक्ष लेते हुए उन्हें अयोग्य घोषित किया। ट्रम्प को अपील करने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया गया है। न्यायाधीश ने अपना फैसला 14वें संशोधन के एक प्रावधान के आधार पर लिया।14वें संशोधन की धारा-3 उन लोगों को सार्वजनिक पद संभालने से रोकती जो एक बार संविधान का समर्थन और बचाव करने का वचन देने के बाद विद्रोह या विद्रोह में शामिल होते हैं।
पोर्टर ने कहा कि वह अपने फैसले पर रोक लगा रही हैं क्योंकि उसे इलिनोइस की अपीलीय अदालतों में उसकी अपील और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से संभावित फैसले की उम्मीद है। ट्रंप के खिलाफ कोर्ट में दलीलें रखने वाले वकीलों के ग्रुप ‘फ्री स्पीच फॉर पीपल’ ने इस फैसले को “ऐतिहासिक जीत” बताया है।
पिछले साल 19 दिसंबर को कोलोराडो सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को प्रेसिडेंशियल प्राइमरी बैलेट से रोक दिया था। कोलोराडो की सुप्रीम अदालत ने 19 दिसंबर को एक फैसले में कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प ने यूएस कैपिटल हिल पर 6 जनवरी 2021 के हमले को उकसाकर फिर से चुनाव लड़ने का अपना अधिकार खो दिया है।
कोलोराडो के बाद मेन राज्य ने भी दिसंबर के आखिरी सप्ताह ऐसा ही फैसला सुनाया। मेन के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट शेना बेलोज ने कहा, ‘ट्रंप ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धोखाधड़ी के बारे में झूठे दावे फैलाकर समर्थकों को विद्रोह को उकसाया और फिर सांसदों को वोट प्रमाणित करने से रोकने के लिए यूएस कैपिटल पर मार्च करने का आग्रह किया’अब ट्रंप का क्या होगा?
आपको बता दें कि 2024 के रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद उम्मीदवारों में डोनाल्ड ट्रंप का नाम सबसे आगे चल रहा है। अब इलिनोइस की अदालत के फैसले के खिलाफ ट्रंप के वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। अगर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट इन राज्यों की सुप्रीम अदालत के फैसले को बरकरार रखता है, तो डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद की रेस से बाहर हो जाएंगे और अगर शीर्ष अदालत राज्य न्यायालय के फैसले पर स्टे लगा देता है, तो ट्रम्प चुनाव लड़ने की योग्यता हासिल कर लेंगे।















