लॉ की पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने तीन साल और पांच साल के लॉ कोर्स में एडमिशन के लिए अधिकतम उम्र की सीमा खत्म कर दी है. अब किसी भी उम्र के उम्मीदवार एलएलबी और इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में एडमिशन ले सकेंगे. शुक्रवार को बीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट को अपने इस फैसले की जानकारी दी. इससे उन उम्मीदवारों को फायदा होगा जो उम्र की पाबंदी के कारण कानून की पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले के बाद एज लिमिट को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा कर दिया है.बार काउंसिल ऑफ इंडिया की जनरल काउंसिल ने तीन साल के एलएलबी और पांच साल के इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र की शर्त हटाने का फैसला किया है. पहले इन दोनों कोर्स में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों की उम्र तय की गई थी. इस पाबंदी के कारण ज्यादा उम्र के कई उम्मीदवार कानून की पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे. अब नए फैसले के बाद किसी भी उम्र के अभ्यर्थी इन कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे.
पहले कितनी थी अधिकतम उम्र की सीमा?
बीसीआई के पुराने नियमों के मुताबिक, पांच साल के इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र 20 साल तय थी. वहीं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को दो साल की छूट देते हुए अधिकतम उम्र 22 साल रखी गई थी. इसके अलावा, तीन साल के एलएलबी कोर्स में एडमिशन के लिए अधिकतम उम्र 45 साल निर्धारित की गई थी. अब बीसीआई ने इन सभी पाबंदियों को खत्म कर दिया है.
2016 के सर्कुलर को सुप्रीम कोर्ट में दी गई थी चुनौती
बीसीआई ने साल 2016 में एक सर्कुलर जारी कर कानूनी शिक्षा नियम, 2008 की अनुसूची तीन के नियम 28 को फिर से लागू किया था. इसी नियम में लॉ कोर्स में एडमिशन के लिए उम्र की सीमा तय की गई थी. ऋषभ दुग्गल ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. मार्च 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई के उम्र सीमा तय करने वाले फैसले पर रोक लगा दी थी. इसके बाद से इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का किया निपटारा
25 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई से पूछा था कि क्या वह पांच साल के इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में एडमिशन के लिए अधिकतम उम्र की शर्त हटाने को तैयार है. इसके बाद शुक्रवार को बीसीआई की ओर से पेश वकील राधिका गौतम ने अदालत को बताया कि जनरल काउंसिल ने उम्र की पाबंदी हटाने का फैसला कर लिया है.















