अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में नारियल के पेड़ों से घिरे खूबसूरत बीच, मीलों तक फैली सफेद रेत, नीला समुद्र और हरियाली वाले आइलैंड की तस्वीर सामने आने लगती है. बंगाल की खाड़ी में मौजूद ये आइलैंड नेचुरल ब्यूटी और रोमांचक पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. यहां का शांत वातावरण और समुद्र के बीच बसे छोटे-छोटे द्वीप पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं.पर क्या आप जानते हैं कि अंडमान की पहचान सिर्फ खूबसूरत समुद्र तटों और नीले पानी तक सीमित नहीं है. इन द्वीपों पर दक्षिण एशिया का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी भी है? समुद्र के बीचोंबीच स्थित यह ज्वालामुखीय द्वीप अपने अनोखे भूगोल और ज्वालामुखी गतिविधियों के कारण खास पहचान रखता है. जानें इसके बारे में
बैरन द्वीप कहां है?
यह है बैरन द्वीप, जो अंडमान सागर में स्थित है. यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी श्री विजय पुरम (पोर्ट ब्लेयर) से करीब 138 किलोमीटर उत्तर पूर्व में पड़ता है. इंक्रेडिबल इंडिया के अनुसार, यह दक्षिण एशिया का अकेला सक्रिय ज्वालामुखी है और इसमें आखिरी बार 2017 में विस्फोट हुआ था.
कैसा दिखता है ये आइलैंड?
बैरन द्वीप लगभग 3 वर्ग किलोमीटर में फैला है. यह मुख्य रूप से ज्वालामुखी शंकुओं और राख से ढका हुआ है. दूर से देखने पर यहां बहुत कम हरियाली दिखती है. इसकी ऊबड़ खाबड़ ज़मीन के चारों ओर साफ पानी और कोरल रीफ हैं, जो इसे भारतीय उपमहाद्वीप में एक अनोखा और अद्भुत परिदृश्य देते हैं. ज्वालामुखी गतिविधि ने सदियों से इसकी सुंदरता को आकार दिया है.
यहां क्या खास है?
भूवैज्ञानिकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह द्वीप किसी अजूबे से कम नहीं. इसके आसपास का पानी अपने जीवंत कोरल रीफ के लिए भी जाना जाता है. जो गोताखोर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को संभाल सकते हैं, उनके लिए यह एक लोकप्रिय जगह है. द्वीप का ज्वालामुखी दस लाख से भी ज्यादा सालों से सक्रिय है, और पिछली कुछ शताब्दियों में कई विस्फोट दर्ज किए गए हैं.
बैरन आइलैंड कैसे घूमें?
बैरन द्वीप की यात्रा अपने आप में एक रोमांच है. सक्रिय ज्वालामुखी होने के कारण, द्वीप तक पहुंच सीमित है और केवल अधिकृत नाव यात्राओं के माध्यम से ही संभव है. ये टूर यात्रियों को सुरक्षित दूरी से ज्वालामुखी का शानदार नज़ारा देखने का मौका देते हैं. बैरन द्वीप तक पहुंचने में हैवलॉक द्वीप से नाव से लगभग दो से तीन घंटे और पोर्ट ब्लेयर से चार से पांच घंटे लगते हैं.
पानी के नीचे की दुनिया
यहां का समुद्री जीवन असाधारण रूप से समृद्ध है. ज्वालामुखी खनिजों के कारण पानी के नीचे के इकोसिस्टम को फायदा मिलता है, जिससे यह अनुभवी गोताखोरों के लिए एक बेहतरीन जगह बन जाती है. इंक्रेडिबल इंडिया के मुताबिक, बैरन द्वीप के चारों ओर गोताखोरी करके जीवंत कोरल गार्डन और कई तरह की मछलियां, किरणें और अन्य समुद्री प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखा जा सकता है.















