मुजफ्फरनगर|पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने पुलिस कार्यालय में विभिन्न शाखाओं के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। यह निरीक्षण विशेष रूप से आगुन्तक कक्ष में आने वाली शिकायतों और उनके निस्तारण की स्थिति पर केंद्रित था। श्री सिंह ने शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए शाखा प्रभारियों से जानकारी प्राप्त की।
समीक्षा के दौरान, पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने निम्नलिखित शाखाओं का निरीक्षण किया:
- प्रधान लिपिक शाखा: इस शाखा का काम प्रमुख दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स का रखरखाव है।
- आंकिक शाखा: यहां पर पुलिस के आंकड़ों और रिपोर्टों का विश्लेषण किया जाता है।
- आई.जी.आर.एस. कार्यालय: यह शाखा जन शिकायतों की पंजीकरण और निस्तारण से संबंधित कार्य करती है।
- जन शिकायत प्रकोष्ठ: इस प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी आम जनता की शिकायतों का निवारण करना है।
- महिला सम्मान प्रकोष्ठ: महिलाओं से संबंधित मामलों की देखरेख करने वाली शाखा।
- पेशी कार्यालय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं देहात: यह कार्यालय कोर्ट की पेशियों से संबंधित कार्यों की निगरानी करता है।
- रिकॉर्ड रुम: यह शाखा पुलिस रिकॉर्ड और दस्तावेजों का रखरखाव करती है।
- पत्रावली शाखा: यहां पर विभिन्न पत्रावलियों और फाइलों का प्रबंधन किया जाता है।
- डीसीआरबी शाखा: अपराध और घटनाओं के रिकॉर्ड का रखरखाव।
- विशेष जांच प्रकोष्ठ शाखा: जटिल मामलों की विशेष जांच से संबंधित कार्य।
- रिट सेल: सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों के मामलों की देखरेख।
- मानवाधिकार शाखा: मानवाधिकार उल्लंघनों से संबंधित मामलों की जांच।
- पासपोर्ट शाखा: पासपोर्ट से संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रियाओं का प्रबंधन।
- साइबर हेल्प सेंटर: साइबर अपराधों की रिपोर्ट और सहायता।
- स्थानीय अभिसूचना इकाई कार्यालय: स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी का संकलन और विश्लेषण।
निरीक्षण के दौरान, श्री सिंह ने सभी शाखा प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे समय पर कार्यालय में उपस्थित रहें और अपने कार्यों को पूर्ण मनोयोग से निभाएं। उन्होंने कार्यालय रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और सभी सूचनाओं को समय पर प्रेषित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह समीक्षा पुलिस कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए की गई है।

















