मुजफ्फरनगर। शासन द्वारा निर्गत आदेशों और निर्देशों के क्रम में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने सोमवार को पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी–अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर पहुंचे। एसएसपी ने सभी शिकायतों को गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुना तथा उनके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।जनसुनवाई के दौरान एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। विशेष रूप से जिन मामलों में जनता बार–बार शिकायत लेकर आती है, उन पर गंभीरता से कार्यवाही की जाए।महिला अपराधों से संबंधित मामलों पर एसएसपी का विशेष ध्यान रहा। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसुनवाई में जैसे ही महिला उत्पीड़न की शिकायतें सामने आईं, उन्होंने तत्काल क्विक रिस्पॉंस टीम (महिला विंग) को मौके पर भेजने का निर्देश दिया। इस टीम को विशेष रूप से इस प्रकार की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है। यह कदम पुलिस विभाग की संवेदनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की सक्रियता को दर्शाता है।एसएसपी ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उन्हें यह महसूस कराया जाए कि उनकी समस्या पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता को अनावश्यक चक्कर न लगवाए जाएं और न ही किसी शिकायत को टालमटोल के रवैये से देखा जाए।जनसुनवाई में आए लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई जिनमें भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, पड़ोसियों से झगड़े, चोरी और धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल थे। कई शिकायतकर्ताओं ने पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई की सराहना की और भरोसा जताया कि उन्हें जल्द ही न्याय मिलेगा।एसएसपी वर्मा ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर मजबूत होना बहुत आवश्यक है। जब जनता को यह विश्वास होगा कि पुलिस उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर त्वरित समाधान करती है, तभी कानून–व्यवस्था की स्थिति और बेहतर होगी। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को भी निर्देशित किया कि वे अपने–अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जनता से संवाद करें और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करने का प्रयास करें।उन्होंने यह भी कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक शिकायतकर्ता को न्याय मिले और उसकी समस्या का निष्पक्ष निस्तारण हो। इसी क्रम में नियमित जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह पहल जनता और पुलिस के बीच संवाद और विश्वास को और मजबूत करेगी।















