प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त किर्गिस्तान में हैं. SCO समिट में हिस्सा लेने के लिए वो बिश्केक पहुंचे हैं. समिट के शुरू होने से पहले उन्होंने सोमवार को एक विशेष समूह से मुलाकात की, जो भारत से खास जुड़ाव रखते हैं. इस समूह में प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख लोग, पर्यावरण प्रेमी, योग उत्साही, शिक्षाविद, ITEC (भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग) के पूर्व छात्र और शोधकर्ता शामिल थे.प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी एक्स पर साझा करते हुए अपनी खुशी जाहिर की. पीएम मोदी ने लिखा, ऐसे लोगों के समूह से मुलाकात हुई, जिनका भारत से गहरा जुड़ाव है. इनमें प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख लोग, पर्यावरण के प्रति उत्साही, योग प्रेमी, शिक्षाविद, ITEC के पूर्व छात्र, शोधकर्ता और अन्य लोग शामिल हैं. भारत के साथ इस तरह का लगातार जुड़ाव देखकर खुशी हुई. प्रधानमंत्री से मिलने आए योग प्रेमियों में एक ऐसे साधक भी शामिल थे, जिन्होंने गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित ‘वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप’ में हिस्सा लिया था. उन्होंने न सिर्फ इस वैश्विक प्रतियोगिता में भाग लिया, बल्कि शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल भी अपने नाम किया. प्रधानमंत्री ने भारत के प्रति उनके इस समर्पण और उपलब्धि की विशेष रूप से सराहना की. यह मुलाकात दर्शाती है कि दुनिया भर में फैले अलग-अलग क्षेत्रों के लोग आज भी भारत की संस्कृति, योग और शिक्षा व्यवस्था से कितने गहरे स्तर पर जुड़े हुए हैं.
Met a group of people who have a close association with India.
This includes prominent diaspora members, those passionate about the environment, Yoga enthusiasts, academics, ITEC alumni, researchers and more.
Happy to see such continuous engagement with India.
One of the… pic.twitter.com/xiwRCoFBE9
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO समिट
प्रधानमंत्री मोदी SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने किर्गिस्तान के बिश्केक पहुंचे हैं. वो आज रूस, ईरान, आर्मेनिया और किर्गिस्तान के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ मुलाकात होगी. दोनों नेताओं से उनकी मुलाकात कई मायनों में खास होने वाली हैं.
इसके अलावा एससीओ समिट में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी इस समिट में हिस्सा ले सकते हैं. वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल होंगे. पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच अहम मीटिंग हो सकती है.यह सम्मेलन SCO के गठन की 25वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर हो रहा है. एससीओ की स्थापना 2001 में हुई थी. बता दें कि भारत और पाकिस्तान 2017 में SCO के पूर्ण सदस्य बने. इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए.























































