एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित वृक्षारोपण महायज्ञ-2027 एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जन-अभियान के अंतर्गत जनपद में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महायज्ञ के छठे दिन तहसील दिवस के अवसर पर तहसील जानसठ परिसर में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त सहारनपुर डॉ. रूपेश कुमार ने मालश्री का पौधा रोपित कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने भी मालश्री का पौधा लगाया, जबकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने फलदार पौधे का रोपण किया। वहीं प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग मुजफ्फरनगर ने पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण तून प्रजाति का पौधा लगाकर अभियान को गति प्रदान की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

पौधारोपण के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और भावी पीढ़ियों के लिए हरित विरासत तैयार करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम में बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेशभर में इस मानसून सत्र के दौरान 35 करोड़ से अधिक पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी माता के सम्मान और प्रकृति संरक्षण के भाव से कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि मानव जीवन, जैव विविधता और जल सुरक्षा के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज को भावनात्मक रूप से प्रकृति से जोड़ने का अभिनव प्रयास है और प्रत्येक व्यक्ति को पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं बल्कि सतत जन आंदोलन है तथा पौधों की जीवितता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण हर नागरिक का अधिकार है तथा युवाओं को वृक्षों की सुरक्षा को सामाजिक दायित्व के रूप में स्वीकार करना चाहिए। वहीं सामाजिक वानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय परिस्थितियों और जन उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधों का चयन किया गया है। कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण तथा पौधों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

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