राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुजफ्फरनगर जिला कारागार में मनाई गई लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती, बंदियों और स्टाफ ने लिया एकता व अखंडता का संकल्प

मुजफ्फरनगर। जिला मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर के निर्देषानुसार स्वतंत्र भारत के वास्तुकार एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को मुजफ्फरनगर जिला कारागार में “राष्ट्रीय एकता दिवस” के रूप में बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी जेल अधीक्षक नीरज कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कारागार के समस्त कार्मिकों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश की अखंडता, एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की जो मिसाल पेश की, वह सदैव प्रेरणादायी रहेगी।शपथ ग्रहण के बाद जेल परिसर में प्रभात फेरी का आयोजन किया गया, जिसमें जेल स्टाफ और बंदियों ने एक साथ भाग लेकर “अखण्ड भारत, एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के नारों से वातावरण को देशभक्ति की भावना से भर दिया। इसके उपरांत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान प्रभारी जेल अधीक्षक नीरज कुमार श्रीवास्तव ने उनके जीवन और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सरदार पटेल ने जिस दृढ़ इच्छाशक्ति और राजनीतिक कौशल से देश के 562 रियासतों का एकीकरण किया, वह इतिहास में अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने बताया कि आज के समय में भी सरदार पटेल के आदर्श और उनके विचार समाज को एकजुट रखने के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन समारोह मनाना नहीं, बल्कि देश की एकता और अखंडता की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी कार्मिकों और बंदियों से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठा और समर्पण भाव से करें तथा समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को समझते हुए देशहित में योगदान दें।कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने भी सरदार पटेल के जीवन से प्रेरित होकर उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। बंदियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें देशभक्ति गीत, कविताएं और लघु नाटिकाएं शामिल थीं। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया और माहौल देशभक्ति से सराबोर हो गया।

इस अवसर पर जेल चिकित्साधिकारी डॉ. परितोष मुद्गल शर्मा, डिप्टी जेलर दीपक सिंह, हेमराज सिंह, अंकित कुमार और यशकेन्द्र यादव सहित अन्य जेल अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी जेल अधीक्षक ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।मुजफ्फरनगर जिला कारागार में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल देश की एकता का प्रतीक बना, बल्कि इसने बंदियों में भी आत्मसुधार और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को जागृत किया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सरदार पटेल की जयंती केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और एकता के प्रति पुनः समर्पण का दिवस है।

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