भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने मुख्यमंत्री योगी से की मुलाकात,

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर जनपद मुजफ्फरनगर के मोरना क्षेत्र में स्थित दी गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड, मोरना के आधुनिकीकरण एवं क्षमता विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय पर संगठन एवं क्षेत्र के लाखों गन्ना किसानों की ओर से आभार व्यक्त किया। धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि यह निर्णय गन्ना किसानों के हित में मील का पत्थर साबित होगा, जिससे चीनी मिल की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और किसानों को समय पर गन्ना भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र मलिक ने मुख्यमंत्री के समक्ष मुजफ्फरनगर जनपद से जुड़े कई गंभीर जनहित मुद्दे भी उठाए। उन्होंने बताया कि जिले में कुछ औद्योगिक इकाइयों द्वारा RDF के नाम पर नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (MSW) और लीगेसी वेस्ट को जलाया जा रहा है, जिससे अत्यधिक वायु प्रदूषण फैल रहा है। इस प्रदूषण के कारण क्षेत्र में जनस्वास्थ्य की स्थिति चिंताजनक हो गई है और आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने इस मामले में तत्काल दंडात्मक और बाध्यकारी कार्रवाई की मांग की, ताकि प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

धर्मेंद्र मलिक ने मेरठ मेडिकल कॉलेज (LLRM) को पीजीआई अथवा स्वशासी संस्थान घोषित किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उनका कहना था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी के लिए उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की नितांत आवश्यकता है। यदि मेडिकल कॉलेज को पीजीआई स्तर का दर्जा मिलता है, तो विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक उपचार और शोध सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।इसके साथ ही प्रदेश के सभी जनपदों में हाईकोर्ट मुकदमों की ई-फाइलिंग सुविधा को सुचारु रूप से लागू कराने की मांग भी रखी गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था के अभाव में वादकारियों और अधिवक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ई-फाइलिंग की सुविधा प्रभावी ढंग से लागू होने से न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनेगी।

राजस्व से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रियल टाइम खतौनी तैयार करते समय अंश निर्धारण, नामों में होने वाली त्रुटियों को ठीक कराने, राजस्व संहिता की धारा 24 के दुरुपयोग पर रोक लगाने तथा चकबंदी प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग की मांग रखी गई। धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि इन सुधारों से किसानों को अपनी भूमि से जुड़े मामलों में अनावश्यक विवादों और भ्रष्टाचार से राहत मिलेगी।मुख्यमंत्री ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। भाकियू अराजनैतिक ने उम्मीद जताई कि सरकार किसानों और आम जनता से जुड़े इन मुद्दों पर शीघ्र ठोस कदम उठाएगी, जिससे क्षेत्र में विकास, स्वास्थ्य और न्याय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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