मुजफ्फरनगर सर्राफा बाजार बंद, व्यापारियों का प्रदर्शन.

मुजफ्फरनगर में सर्राफा बाजार पूरी तरह बंद रहा, जहां व्यापारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते आक्रोशित व्यापारी सड़कों पर उतर आए और धरना-प्रदर्शन किया। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब शाहपुर पुलिस ने सिविल लाइन और शाहपुर क्षेत्र से जुड़े करीब 10 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह हत्या के प्रयास और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे संगठित अपराधों में लिप्त था।

इस कार्रवाई में सर्राफा व्यवसाय से जुड़े अंशुल वर्मा, तुषार वर्मा और वंश वर्मा के नाम भी शामिल होने से व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को निशाना बनाया है और पुराने मामलों को आधार बनाकर उन्हें फंसाया जा रहा है। उनका कहना है कि तुषार और वंश वर्मा को एक साल पुराने मामले में दोबारा घसीटा जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में व्यापारी एकत्र हुए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला सर्राफा एसोसिएशन और मैढ़ क्षत्रिय सोनार समाज समन्वय समिति के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन किया गया। समिति के अध्यक्ष पवन वर्मा ने कहा कि पुलिस ने युवकों को उनके घर से उठाया, जबकि रिकॉर्ड में उन्हें जंगल से गिरफ्तार दिखाया गया है, जो पूरी कार्रवाई को संदिग्ध बनाता है। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं का गलत इस्तेमाल कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजनीतिक हस्तक्षेप भी सामने आया। धरना स्थल पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक और राज्यमंत्री पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। सांसद हरेंद्र मलिक ने स्पष्ट कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं होने दिया जाएगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

धरने की सूचना मिलने पर एएसपी और सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत की और भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद व्यापारियों का गुस्सा कुछ शांत हुआ और उन्होंने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।

धरना समाप्त करने के बाद व्यापारियों ने जिलाधिकारी और एसएसपी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें निष्पक्ष जांच और निर्दोष लोगों को राहत देने की मांग की गई। इस पूरे घटनाक्रम के चलते शहर का सर्राफा बाजार दिनभर बंद रहा, जिससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। फिलहाल, प्रशासन द्वारा जांच के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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