बुढ़ाना क्षेत्र में फर्जी वोटों को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव हुसैनपुर कला निवासी रिजवान पुत्र इदरीश ने फर्जी वोटों को निरस्त कराने की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी बुढ़ाना को एक प्रार्थनापत्र सौंपा है। प्रार्थनापत्र में रिजवान ने आरोप लगाया है कि गांव की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई हैं, जिससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रिजवान का कहना है कि गांव हुसैनपुर कला में जानबूझकर फर्जी तरीके से वोट बनाए गए हैं। आरोप है कि एक ही व्यक्ति के नाम पर पिता का नाम बदलकर दो-दो और तीन-तीन बार वोट दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, ऐसे लोगों के वोट भी सूची में शामिल हैं जिनकी मृत्यु काफी समय पहले हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उनके नाम अब तक मतदाता सूची से हटाए नहीं गए हैं।
प्रार्थनापत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि गांव के बाहर रहने वाले, अन्य गांवों के निवासियों के नाम भी फर्जी तरीके से हुसैनपुर कला की मतदाता सूची में जोड़ दिए गए हैं। इससे गांव की वास्तविक जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या में असंतुलन पैदा हो रहा है। रिजवान ने आरोप लगाया कि यह सब कुछ सुनियोजित तरीके से किया गया है, ताकि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।
इतना ही नहीं, प्रार्थनापत्र में नाबालिग बच्चों के नाम पर भी वोट बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। रिजवान के अनुसार, ऐसे कई बच्चे हैं जिनकी उम्र अभी मतदान करने योग्य नहीं है, फिर भी उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज कर दिए गए हैं। यह न केवल चुनावी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
रिजवान ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि गांव हुसैनपुर कला की मतदाता सूची की गहन जांच कराई जाए और सभी फर्जी, मृतक, बाहरी और नाबालिग मतदाताओं के नाम तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे आने वाले चुनावों की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है।
इस मामले पर उपजिलाधिकारी बुढ़ाना ने प्रार्थनापत्र प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कराई जाएगी और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जाएगा।















