सहारनपुर/देवबंद। पवित्र रमज़ान के मुबारक महीने में जहां एक ओर इबादत और रोज़ों का सिलसिला जारी है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक संगठनों द्वारा जरूरतमंदों की मदद के लिए मानवीय प्रयास भी देखने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में ए ए एजुकेशनल सोसाइटी, देवबंद ने इंसानियत और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई। सोसाइटी की ओर से वितरित की गई राशन किटों में आटा, चावल, दाल, तेल और अन्य दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री शामिल रही, जिससे गरीब परिवार रमज़ान के दौरान किसी प्रकार की आर्थिक तंगी महसूस न करें। वितरण अभियान के दौरान विशेष रूप से बेवा महिलाओं और यतीम बच्चों को प्राथमिकता दी गई, ताकि समाज के सबसे कमजोर वर्ग को समय पर सहायता मिल सके और वे भी रमज़ान की बरकतों में बराबर के सहभागी बन सकें।
सोसाइटी पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल राहत बांटना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक सम्मानपूर्वक सहायता पहुंचाना है, ताकि वे रोज़ा और इबादत के इस पाक महीने में सुकून के साथ अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकें। उन्होंने कहा कि रमज़ान त्याग, सहानुभूति और साझा करने का महीना है, और इसी भावना के तहत यह अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सोसाइटी हमेशा से समाज के कमजोर तबकों के साथ खड़ी रही है और हर वर्ष रमज़ान के अवसर पर राहत कार्यों के माध्यम से सैकड़ों परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लाती है।
संस्था के महासचिव उमर फारूक ने जानकारी दी कि सोसाइटी समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य और राशन जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। फील्ड वर्क के जरिए जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उनका विवरण संकलित किया जाता है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक ही सहायता पहुंचे। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य जारी रहेंगे और समाज के सहयोग से जरूरतमंदों की मदद का दायरा और बढ़ाया जाएगा।























































