चेन्नई एयरपोर्ट पर एक बड़ा हवाई हादसा टल गया जब एक यात्री विमान की विंडशील्ड हवा में ही अचानक फट गई। जानकारी के अनुसार, यह विमान लैंडिंग से ठीक पहले रनवे की ओर बढ़ रहा था तभी पायलट ने विंडशील्ड में दरार देखी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया और एहतियात के तौर पर विमान की गति और ऊंचाई को नियंत्रित किया गया। ATC से मिले निर्देशों के अनुसार, विमान को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित लैंडिंग की अनुमति दी गई। विमान में कुल 76 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। पायलट की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते सभी यात्री सुरक्षित रहे और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
घटना के बाद विमान को टेक्निकल जांच के लिए मेंटेनेंस हैंगर में भेज दिया गया है। एयरलाइन कंपनी ने बताया कि यह एक तकनीकी खराबी थी और इसकी विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। यात्रियों को वैकल्पिक विमान से उनके गंतव्य तक भेजा गया। विशेषज्ञों के अनुसार, तेज हवा के दबाव या तापमान में अचानक बदलाव के कारण विमान की विंडशील्ड में दरार आ सकती है। इस घटना ने एक बार फिर विमान सुरक्षा मानकों और नियमित जांच की अहमियत को उजागर किया है। चेन्नई एयरपोर्ट प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सौभाग्य से, पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय ने 76 लोगों की जान बचा ली और एक बड़ी त्रासदी होने से रोक दी।















