दीपावली के पावन त्योहार से ठीक पहले जिले में करीब 61 हजार ऐसे उपभोक्ता सामने आए हैं, जिन्होंने बार-बार चेतावनी और अपील के बाद भी अपने गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी (e-KYC) कराने पर कोई ध्यान नहीं दिया।इस बड़ी लापरवाही का अब उन्हें भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है और उनकी एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।गैस कंपनियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अगर उपभोक्ता ई-केवाईसी कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, तो वे जरूरत पड़ने पर कमर्शियल गैस सिलेंडर ले सकते हैं। दीपावली के ठीक मुहाने पर अचानक गैस बुकिंग रुक जाने से पीड़ित उपभोक्ता अब भाग-दौड़ करते हुए गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सितंबर में ही दी गई थी अंतिम चेतावनी
आपूर्ति विभाग ने बीते सितंबर महीने में ही बिना ई-केवाईसी वाले उपभोक्ताओं को साफ कर दिया था कि यदि वे 30 सितंबर तक प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उन्हें गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी।विगत तीन महीनों से विभाग और गैस एजेंसियों द्वारा लगातार उपभोक्ताओं को सचेत किया जा रहा था कि वे अपने कनेक्शन की तत्काल ई-केवाईसी जरूर करवा लें, वरना अक्टूबर महीने में गैस नहीं मिल सकेगी। हालांकि, बार-बार अलर्ट किए जाने के बाद भी करीब 61 हजार उपभोक्ताओं ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजतन, तीनों प्रमुख गैस कंपनियों की एजेंसियों पर उनकी सिलेंडर बुकिंग अब पूरी तरह बंद कर दी गई है।
शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद ई-केवाईसी में लापरवाही
राज्य शासन ने फर्जी गैस कनेक्शनों पर पूरी तरह से लगाम लगाने और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने के लिए ई-केवाईसी को पूरी तरह अनिवार्य किया है। गैस एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे हर लाभार्थी का आधार सत्यापन कर बायोमीट्रिक माध्यम से ई-केवाईसी संपन्न कराएं।कंपनियों की ओर से कहा गया है कि अब हर गैस एजेंसी पर ई-केवाईसी की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन इसके बावजूद लोग इसमें रुचि नहीं दिखा रहे थे। हालांकि, जैसे ही अब बुकिंग रुक गई है, लोग आनन-फानन में एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं।
जिले में लाखों कनेक्शन, उधार के सिलेंडर से चल रहा काम
जांच-पड़ताल करने पर यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि तमाम परिवार ई-केवाईसी न होने के कारण पिछले कई महीनों से दूसरों के उधार के गैस सिलेंडर से अपना काम चला रहे हैं। सिकंदराराऊ क्षेत्र के पोरा गांव की रहने वाली रामा देवी का कहना है कि घर के पुरुष मेहनत-मजदूरी के लिए सुबह ही निकल जाते हैं, ऐसे में भला ई-केवाईसी कराने एजेंसी कौन जाए।आपको बता दें कि जिले में पीएम उज्जवला योजना के तहत कुल 1,87,267 कनेक्शन हैं, जबकि सामान्य गैस सिलेंडरों की संख्या 2,41,820 है। इनमें उज्ज्वला योजना के 1.88 लाख गैस उपभोक्ता भी शामिल हैं। जिन तीन कंपनियों के उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनमें बीपीसीएल (BPCL) के 31 हजार, एचपीसीएल (HPCL) के 13 हजार और ओसीसी (IOCL) कंपनी के 17 हजार कनेक्शन शामिल हैं। अधिकारियों का साफ कहना है कि उपभोक्ताओं को बार-बार सचेत किया गया था और चूंकि यह अनिवार्य प्रक्रिया है, इसलिए ई-केवाईसी न कराने वालों की बुकिंग रोकी गई है।














