बाँदा। नवरात्र का पर्व जहां खुशी लेकर आता है, वहीं बांदा के मरका थाना क्षेत्र के पिंडारन गांव से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। एक ही घर के दो फूल जैसे बच्चों की एक साथ संदिग्ध मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। मोहित पुत्र जयकरन (उम्र 14 साल) और उसकी छोटी बहन अनूपा पुत्री जयकरन (उम्र 13 साल)। दोनों सगे भाई-बहन थे। परिवार वालों की आंखें आंसुओं से भरी हैं। उन्होंने बताया शुक्रवार रात पूरा परिवार गांव के दुर्गा पंडाल में माता के दर्शन करने गया था। वहां से प्रसाद लेकर सभी हंसते-खेलते घर लौटे। खाना खाकर सब सो गए। लेकिन रात करीब 12-1 बजे अचानक दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। पेट में तेज दर्द, उल्टी और घबराहट। परिवार घबरा गया। रात में ही गांव में झाड़-फूंक और देसी दवा की, लेकिन हालत और बिगड़ती चली गई। परिजन रात में ही दोनों को बाइक से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू दौड़े।
इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने जैसे ही अनूपा को देखा, उसे मृत घोषित कर दिया। अभी परिवार इस सदमे से संभला भी नहीं था कि कुछ ही मिनटों में मोहित ने भी दम तोड़ दिया। सूचना पर मरका पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों को कब्जे में लेकर शनिवार सुबह 11 बजे जिला मेडिकल कॉलेज बांदा में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। थानाध्यक्ष मरका सूबेदार बिन्द ने बताया प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। प्रसाद से फूड पॉइजनिंग हुई या कोई अन्य कारण है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। पिंडारन गांव में आज चूल्हे नहीं जले। हर जुबान पर एक ही सवाल है कि क्या नवरात्र के पवित्र प्रसाद में ही कुछ गड़बड़ थी? फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस दर्दनाक मौत का सबसे बड़ा राज खोलेगी।















