मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह ने एनआईसी कार्यालय में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनशिकायतों का निस्तारण पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या को समझकर उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत का निस्तारण करने से पहले शिकायतकर्ता से दूरभाष पर संपर्क कर उसकी समस्या के संबंध में जानकारी ली जाए। संबंधित अधिकारी शिकायत पर की गई कार्रवाई और समाधान की स्थिति से शिकायतकर्ता को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या के वास्तविक समाधान को प्राथमिकता दी जाए। यदि शिकायत का समाधान नहीं हुआ है, तो प्रकरण की दोबारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में समयसीमा के साथ गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। निस्तारण के संबंध में पोर्टल पर प्रस्तुत की जाने वाली आख्या स्पष्ट, तथ्यपरक और की गई कार्रवाई पर आधारित होनी चाहिए। बिना समुचित जांच और प्रभावी कार्रवाई के किसी भी शिकायत को निस्तारित न किया जाए। लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा कर उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारित करने के निर्देश भी दिए गए।
गंभीर सिंह ने कहा कि जनशिकायतों का प्रभावी निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके। बैठक में शिकायतकर्ताओं से संवाद बनाए रखने, निस्तारण की गुणवत्ता सुधारने और लंबित प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया।















